Class 12 Political Science Chapter 9 वैश्वीकरण Solutions 2026–27
Class 12 Political Science Chapter 9 वैश्वीकरण Solutions 2026–27 कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए सरल, स्पष्ट और परीक्षा-केंद्रित तरीके से तैयार किया गया अध्ययन सामग्री है। इस अध्याय में वैश्वीकरण का अर्थ, इसके कारण, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रभाव, वैश्वीकरण के समर्थक और विरोधी विचार तथा भारत पर वैश्वीकरण का प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों को आसान हिंदी में समझाया गया है।
यहां अध्याय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और Revision Materials दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी विषय को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।
📚 यहां क्या-क्या मिलेगा?
- 📖 Chapter 9 के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
- ⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
- 📝 लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- 🌐 वैश्वीकरण का अर्थ और विशेषताएं
- 💰 वैश्वीकरण के आर्थिक प्रभाव
- 🏛️ वैश्वीकरण के राजनीतिक प्रभाव
- 🎭 वैश्वीकरण के सांस्कृतिक प्रभाव
- 🇮🇳 भारत और वैश्वीकरण
- ✊ वैश्वीकरण के विरोध से जुड़े प्रश्न
- 📚 Quick Revision Materials
- 🎯 2026–27 परीक्षा की तैयारी
🌐 वैश्वीकरण: मुख्य विषय
वैश्वीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके कारण दुनिया के अलग-अलग देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध तेजी से बढ़े हैं। संचार और तकनीक के विकास ने इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावशाली बनाया है।
इस अध्याय में वैश्वीकरण के कारण, इसके विभिन्न आयाम, विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, भारत पर इसका प्रभाव तथा वैश्वीकरण के विरोध में होने वाले आंदोलनों जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया जाता है।
🎯 परीक्षा की तैयारी को आसान बनाएं
इस अध्याय की तैयारी करते समय वैश्वीकरण के आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक आयामों को अलग-अलग समझना उपयोगी है। इसके लाभ और चुनौतियों के साथ भारत पर पड़े प्रभाव को उदाहरणों के साथ पढ़ने से परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर अधिक स्पष्ट रूप से लिखे जा सकते हैं।
Class 12 Political Science Chapter 9 वैश्वीकरण Solutions 2026–27 के माध्यम से विद्यार्थी अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं और परीक्षा से पहले प्रभावी Revision कर सकते हैं।
🌟 सरल भाषा में तैयार अध्ययन सामग्री
इस अध्याय की सामग्री सरल, स्पष्ट और विद्यार्थियों के लिए आसानी से समझने योग्य भाषा में तैयार की गई है। मुख्य concepts और परीक्षा के लिए उपयोगी topics को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है, ताकि विद्यार्थी कम समय में अध्याय का प्रभावी Revision कर सकें।
यह सामग्री Class Test, Unit Test, Pre-Board और Class 12 Final Examination 2026–27 की तैयारी के लिए उपयोगी है।
भाग-क (Part-A) समकालीन विश्व राजनीति (Contemporary World Politics)
Class 12 Political Science Chapter 9 वैश्वीकरण Solutions
चयनित प्रश्न-उत्तर (Selected Question-Answers)
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (अंक – 1 प्रत्येक)
(क) ‘वैश्वीकरण’ (Globalisation) या ‘ग्लोबलाइजेशन’ (Globalisation) से आप क्या समझते हैं?
उत्तरः ‘वैश्वीकरण’ (Globalisation) या ‘ग्लोबलाइजेशन’ (Globalisation) से आशय उन परस्पर संबंधों और वैश्विक स्तर की कड़ियों से है, जो विभिन्न देशों और क्षेत्रों के लोगों के बीच सामाजिक, आर्थिक तथा अन्य प्रकार की परस्पर निर्भरता (interdependence) उत्पन्न करती हैं।
(ख) “प्रौद्योगिकी (Technology) वैश्वीकरण का एक महत्वपूर्ण कारक है।” कथन सत्य है या असत्य लिखिए।
उत्तर: सत्य (True) |
(ग) वैश्वीकरण का एक सकारात्मक पक्ष बताइए।
उत्तरः विचारों का सहज आदान-प्रदान।
(घ) आर्थिक वैश्वीकरण (Economic Globalisation) से क्या अभिप्राय है?
उत्तरः आर्थिक वैश्वीकरण (Economic Globalisation) से आशय आर्थिक संसाधनों जैसे पूँजी (capital), तकनीकी कौशल (technical skills), वस्तुएँ (goods) तथा कच्चा माल (materials) का विश्व के एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आदान-प्रदान है।
(ङ) भारत में नई आर्थिक नीति (New Economic Policy) कब अपनाई गई?
उत्तर: 1991 में।
(च) सांस्कृतिक एकीकरण (Cultural Integration) का एक रूप ————– है। (रिक्त स्थानभरिए।)
उत्तरः वैश्वीकरण (Globalisation) |
(छ) भारत ने आर्थिक सुधार (Economic Reforms) कब प्रारम्भ किए? H.S. ’18
उत्तर: 1991 में।
(ज) राज्य (State) के लिए वैश्वीकरण का एक सकारात्मक परिणाम बताइए।
उत्तरः प्रौद्योगिकी (Technology) के उपयोग से राज्य नागरिकों को विभिन्न प्रकार की सूचनाएँ और सेवाएँ प्रदान कर सकता है।
(झ) विश्व सामाजिक मंच (World Social Forum) क्या है?
उत्तरः विश्व सामाजिक मंच (World Social Forum) एक ऐसा मंच है जहाँ मानवाधिकार कार्यकर्ता (human rights activists), श्रमिक संगठन (labour groups), युवा समुदाय (youth communities) और महिला कार्यकर्ता (women activists) नव-उदारवादी वैश्वीकरण (neo-liberal globalisation) का विरोध करने हेतु एकत्रित होते हैं।
(ञ) प्रौद्योगिकी (Technology) वैश्वीकरण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण कारक है। (हाँ या नहीं लिखिए) H.S. ’18
उत्तर: हाँ (Yes) |
(ट) किस क्षेत्र में वैश्वीकरण लाभकारी नहीं है?
उत्तर: सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में।
(ठ) विश्व सामाजिक मंच (World Social Forum) की पहली बैठक कब और कहाँ आयोजित हुई थी?
उत्तर: 2001 में, पोर्टो एलेग्रे (Porto Alegre), ब्राज़ील (Brazil) में।
(ड) वैश्वीकरण (Globalisation) की एक विशेषता बताइए।
उत्तरः मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था (Free Market Economy) ।
(ढ) ‘संरक्षणवाद’ (Protectionism) क्या है?
उत्तरः ‘संरक्षणवाद’ (Protectionism) से आशय विभिन्न देशों के राष्ट्रवादी नेताओं द्वारा वैश्वीकरण (Globalisation) के प्रभाव से राष्ट्रीय परंपराओं और हितों की रक्षा के लिए किए गए प्रयासों से है।
(ण) वैश्वीकरण (Globalisation) की प्रक्रिया कब प्रारम्भ हुई?
उत्तर: 1990 में।
लघु उत्तरीय प्रश्न (अंक – 2 प्रत्येक)
(क) आर्थिक वैश्वीकरण (Economic Globalisation) से संबंधित दो संगठनों के नाम लिखिए। H.S. ’16
उत्तरः (1) विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization) और (2) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) |
(ख) वैश्वीकरण (Globalisation) के दो कारण बताइए। H.S. ’18
उत्तर:
प्रथम, उन्नत प्रौद्योगिकी (advanced technology) के आविष्कार से परिवहन (transport) और संचार (communication) में अत्यधिक सुधार हुआ है, जो वैश्वीकरण का एक प्रमुख कारण है।
द्वितीय, पूँजी (capital), वस्तुओं (goods) और लोगों (people) का एक देश से दूसरे देश में तीव्र प्रवाह वैश्वीकरण का एक अन्य महत्वपूर्ण कारण है।
(ग) सांस्कृतिक विविधता (Cultural Diversity) से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: सांस्कृतिक विविधता (Cultural Diversity) से आशय यह है कि प्रत्येक समूह अपनी विशिष्ट संस्कृति को सुरक्षित रखते हुए अन्य संस्कृतियों के साथ अंतःक्रिया (interaction) के माध्यम से उसे समृद्ध कर सके।
(घ) क्या वैश्वीकरण (Globalisation) का प्रभाव हर जगह समान होता है?
उत्तरः नहीं, वैश्वीकरण (Globalisation) का प्रभाव हर जगह समान नहीं होता। यद्यपि विश्व के विभिन्न देश समान आर्थिक नीतियाँ (economic policies) अपनाते हैं, तथापि उनके परिणाम विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न होते हैं।
(ङ) वैश्वीकरण (Globalisation) के मुख्य आयाम (dimensions) क्या हैं?
उत्तर: वैश्वीकरण (Globalisation) के तीन मुख्य आयाम हैं—आर्थिक (economic), राजनीतिक (political) और सांस्कृतिक (cultural)।
मध्यम लंबाई के उत्तरीय प्रश्न (अंक – 4 प्रत्येक)
(क) वैश्वीकरण (Globalisation) के चार परिणाम लिखिए। उत्तरः वैश्वीकरण (Globalisation) के चार परिणाम निम्नलिखित हैं:
(1) सूचना प्रौद्योगिकी (information technology) में नवाचारों के कारण देश कंप्यूटर (computer) और इंटरनेट (internet) के माध्यम से विचारों का स्वतंत्र आदान-प्रदान कर सकते हैं।
(2) वीज़ा नीतियों (visa policies) के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देशों के बीच संचार सुनिश्चित हुआ है।
(3) वैश्वीकरण (Globalisation) ने देशों के बीच पूँजी (capital) के आवागमन पर प्रतिबंधों को कम किया है।
(4) विश्व बैंक (World Bank), अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) जैसे संस्थानों ने वैश्विक स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ाया है, जिससे विश्व के अनेक भागों में प्रगतिशील विकास (progressive development) हुआ है।
(ख) वैश्वीकरण (Globalisation) के आर्थिक महत्व या परिणामों का संक्षेप में वर्णन कीजिए। H.S. ’18
उत्तरः वैश्वीकरण (Globalisation) का आर्थिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है:
(1) इसने अनेक देशों में आर्थिक विकास (economic growth) की दर को बढ़ाया है और अविकसित देश (underdeveloped nations) विकासशील स्थिति (developing status) की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
(2) वस्तुओं (goods) का एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से परिवहन संभव हुआ है, जिससे अभाव (shortages) कम हुआ है।
(3) वैश्वीकरण (Globalisation) ने उत्पादन (production) में विशेषीकरण (specialisation) को बढ़ावा दिया है, जिससे वैश्विक उत्पादन (global output) में वृद्धि हुई है।
(4) इसने आर्थिक क्षेत्र (economic sphere) में प्रतिस्पर्धा (competition) को बढ़ाया है, जिससे वस्तुएँ अधिक सस्ती (affordable) हुई हैं।
(ग) भारत में वैश्वीकरण (Globalisation) के प्रभावों की चर्चा कीजिए।
उत्तरः भारत में वैश्वीकरण (Globalisation) के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव महत्वपूर्ण रहे हैं:
(1) आयातित वस्तुओं (imported goods) के लिए लाइसेंसिंग आवश्यकताओं (licensing requirements) को शिथिल किया गया है।
(2) औद्योगिक लाइसेंसिंग (industrial licensing) लगभग पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
(3) निजी क्षेत्र के बैंक (private sector banks) तथा संयुक्त रूप से संचालित विदेशी बैंक (jointly operated foreign banks) को अपनी वित्तीय गतिविधियों (financial operations) का विस्तार करने की अनुमति दी गई है।
(4) विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization) के प्रभाव में विभिन्न वस्तुओं पर व्यापार शुल्क (trade tariffs) को कम या समाप्त किया गया है।
(घ) वैश्वीकरण (Globalisation) के पक्ष में दो तथा विरोध में दो तर्क दीजिए। H.S. ’15, ’20
उत्तर: वैश्वीकरण (Globalisation) के पक्ष में दो तर्कः
(1) निजी क्षेत्र के बैंक (private sector banks) और संयुक्त विदेशी बैंक (joint foreign banks) को अपनी वित्तीय गतिविधियों के विस्तार की अनुमति दी गई है।
(2) विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization) के प्रभाव से विभिन्न वस्तुओं पर व्यापार शुल्क (trade tariffs) कम किए गए हैं।
वैश्वीकरण (Globalisation) के विरोध में दो तर्कः
(1) आयातित वस्तुओं (imported goods) के लिए लाइसेंसिंग आवश्यकताओं (licensing requirements) को अत्यधिक शिथिल किया गया है।
(2) औद्योगिक लाइसेंसिंग (industrial licensing) लगभग पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
(ङ) वैश्वीकरण (Globalisation) की प्रक्रिया से संबंधित दो संगठनों के नाम लिखिए। H.S. 15
उत्तरः (1) विश्व बैंक (World Bank) और (2) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) |
निबंधात्मक प्रश्न (अंक – 6 प्रत्येक)
(क) वैश्वीकरण (Globalisation) के राजनीतिक परिणामों की चर्चा कीजिए। H.S. ’16
उत्तरः वैश्वीकरण (Globalisation) के राजनीतिक परिणामों की चर्चा निम्नलिखित प्रकार से की जा सकती है।
प्रथम, वैश्वीकरण (Globalisation) के परिणामस्वरूप सरकारों (governments) ने कानून एवं व्यवस्था (law and order), राष्ट्रीय सुरक्षा (national security), रक्षा (defence) तथा नागरिकों (citizens) की सुरक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है।
द्वितीय, राज्य (state) के सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र (socio-economic sphere) में बाजार-आधारित सिद्धांतों (market-based principles) का महत्व बढ़ गया है।
तृतीय, बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ (multinational corporations) अधिक प्रभावशाली बन गई हैं। ये कंपनियाँ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी नीतियों (government policies) को प्रभावित करने में सक्षम हैं। इनके प्रवेश और बढ़ती भूमिका से सरकारी निर्णय-निर्माण (decision-making) प्रभावित होता है, और कभी-कभी राज्य स्वतंत्र निर्णय लेने में कठिनाई अनुभव करते हैं।
चतुर्थ, वैश्वीकरण (Globalisation) ने राष्ट्रों (nations) के बीच प्रतिस्पर्धा (competition) को बढ़ा दिया है, जो केवल व्यापार (trade) और व्यवसाय (business) तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक प्रभाव (political influence), विशेषकर विकसित देशों (developed countries) के बीच भी बढ़ी है।
पंचम, वैश्वीकरण (Globalisation) ने कुछ राज्यों (states) की राजनीतिक शक्ति (political power) को बढ़ाया है, जबकि अन्य राज्यों का अधिक शक्तिशाली देशों (powerful nations) द्वारा शोषण (exploitation) किया गया है।
(ख) वैश्वीकरण (Globalisation) के सांस्कृतिक परिणामों की चर्चा कीजिए। H.S. 119
उत्तर: वैश्वीकरण (Globalisation) के सांस्कृतिक परिणाम निम्नलिखित हैं:
(1) विश्व के विभिन्न समुदायों (communities) के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान (cultural exchange) में वृद्धि हुई है, जिससे सांस्कृतिक क्षेत्र (cultural sphere) में तीव्र परिवर्तन हुआ है। विशेष रूप से पाश्चात्य संस्कृति (Western culture) का प्रभाव विश्व के अनेक भागों पर पड़ा है।
(2) लोग अब अपनी पसंद के अनुसार सांस्कृतिक तत्वों (cultural elements) को अपनाने या अस्वीकार करने लगे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर समझ (understanding) और एकता (unity) की भावना विकसित हुई है।
(3) विश्व स्तर पर संचार (communication) अत्यंत तीव्र हो गया है, जिससे विचारों (ideas) और भावनाओं (emotions) का आदान-प्रदान सरल हो गया है।
(4) पाश्चात्य उन्नत संस्कृति (Western advanced culture) ने तृतीय विश्व (Third World) में व्यापक लोकप्रियता प्राप्त की है, जिससे स्थानीय/स्वदेशी संस्कृतियों (indigenous cultures) के सामने चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं।
(5) सांस्कृतिक आदान-प्रदान (cultural exchange) के अवसरों में वृद्धि से अनेक समाजों (societies) में जीवन स्तर (standard of living) में सुधार हुआ है।
