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Class 12 Political Science Chapter 17 नवीन सामाजिक आंदोलनों का उदय 2027

By Rabbi Masrur

Published On:

Class 12 Political Science Chapter 17 नवीन सामाजिक आंदोलनों का उदय Solutions 2026–27

Class 12 Political Science Chapter 17 नवीन सामाजिक आंदोलनों का उदय Solutions 2026–27 कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए सरल, स्पष्ट और परीक्षा-केंद्रित तरीके से तैयार किया गया अध्ययन सामग्री है। इस अध्याय में नए सामाजिक आंदोलनों का अर्थ, उनके उद्देश्य, पर्यावरण आंदोलन, महिला आंदोलन, किसान आंदोलन, आदिवासी आंदोलनों और सामाजिक न्याय से जुड़े आंदोलनों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को आसान हिंदी में समझाया गया है।

यहां अध्याय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और Revision Materials दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी अध्याय को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।

📚 यहां क्या-क्या मिलेगा?

  • 📖 Chapter 17 के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
  • ⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
  • 📝 लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
  • ✊ नए सामाजिक आंदोलनों का अर्थ और विशेषताएं
  • 🌱 पर्यावरण आंदोलनों से जुड़े प्रश्न
  • 👩 महिला आंदोलनों की भूमिका
  • 🌾 किसान और ग्रामीण आंदोलनों से जुड़े विषय
  • 🏞️ आदिवासी और विस्थापन से जुड़े आंदोलन
  • ⚖️ सामाजिक न्याय और समानता के आंदोलन
  • 📚 Quick Revision Materials
  • 🎯 2026–27 परीक्षा की तैयारी

✊ नवीन सामाजिक आंदोलनों का उदय: मुख्य विषय

समय के साथ समाज में कई नए मुद्दे सामने आए। इन मुद्दों को लेकर लोगों और विभिन्न समूहों ने पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय, आजीविका और पहचान जैसे विषयों पर आंदोलन शुरू किए। इन आंदोलनों को नवीन सामाजिक आंदोलनों के रूप में समझा जाता है।

इस अध्याय में चिपको आंदोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन, महिला आंदोलन, किसान आंदोलनों और आदिवासी आंदोलनों जैसे उदाहरणों के माध्यम से नए सामाजिक आंदोलनों की प्रकृति और भूमिका का अध्ययन किया जाता है।

🎯 परीक्षा की तैयारी को आसान बनाएं

इस अध्याय की तैयारी करते समय विभिन्न आंदोलनों के कारण, उद्देश्य, प्रमुख मुद्दे और प्रभाव को अलग-अलग समझना उपयोगी है। प्रत्येक आंदोलन की विशेषताओं को उदाहरणों के साथ पढ़ने से परीक्षा में लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर लिखना आसान हो जाता है।

Class 12 Political Science Chapter 17 नवीन सामाजिक आंदोलनों का उदय Solutions 2026–27 के माध्यम से विद्यार्थी महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं और परीक्षा से पहले अध्याय का प्रभावी Revision कर सकते हैं।

🌟 सरल भाषा में तैयार अध्ययन सामग्री

इस अध्याय की सामग्री सरल, स्पष्ट और विद्यार्थियों के लिए आसानी से समझने योग्य भाषा में तैयार की गई है। अध्याय के महत्वपूर्ण आंदोलनों, concepts और परीक्षा के लिए उपयोगी topics को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया है, ताकि विद्यार्थी विषय को आसानी से समझ सकें।

यह सामग्री Class Test, Unit Test, Pre-Board और Class 12 Final Examination 2026–27 की तैयारी के लिए उपयोगी है।

Class 12 Political Science Chapter 17 नवीन सामाजिक आंदोलनों का उदय

अध्याय 17: नवीन सामाजिक आंदोलनों का उदय (Rise of New Social Movements)
चयनित प्रश्न-उत्तर (Selected Questions-Answers)
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक के अंक – 1)
(a) किसानों (peasants) के किसी एक संगठन का नाम लिखिए।
उत्तर: किसानों (peasants) का एक संगठन भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) है।

(b) NFF का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?
उत्तर: NFF का पूर्ण रूप (Full Form) ‘नेशनल फिशवर्कर्स फ़ोरम (National Fishworkers’ Forum)’ है।
(c) भारत के किस राज्य में एंटी-अरैक आंदोलन (Anti-Arrack Movement) प्रारम्भ हुआ? HS ’18
उत्तर: नेल्लोर ज़िले (Nellore district) में।
(d) ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन (Narmada Bachao Movement)’ के नेता कौन थे?
उत्तरः ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन (Narmada Bachao Movement)’ के नेता मेधा पाटकर (Medha Patkar) थीं।
(e) MKSS का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?
उत्तर: MKSS का पूर्ण रूप (Full Form) मजदूर किसान शक्ति संगठन (Mazdoor Kisan Shakti Sangathan) है।
(1) चिपको आंदोलन (Chipko Movement) किस राज्य में प्रारम्भ हुआ?
उत्तरः चिपको आंदोलन (Chipko Movement) उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य में प्रारम्भ हुआ (तब यह उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का भाग था)।
(g) नामदेव ढसाल (Namdeo Dhasal) कौन थे?
उत्तरः वे एक मराठी क्रांतिकारी कवि (Marathi revolutionary poet) थे।
(h) सूचना का अधिकार आंदोलन (Right to Information Movement) कब प्रारम्भ हुआ?
उत्तर: 2005 में।
(i) चिपको आंदोलन (Chipko Movement) के मुख्य नेता कौन थे?
उत्तर: चिपको आंदोलन (Chipko Movement) के मुख्य नेता सुन्दर लाल बहुगुणा (Sunderlal Bahuguna) थे।
(j) दलित पैंथर्स (Dalit Panthers) की विचारधारा (Ideology) क्या थी?
उत्तरः समाज से जाति व्यवस्था (Caste System) को समाप्त करना।
(k) भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) के नेता कौन थे?
उत्तरः भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) के नेता महेन्द्र सिंह टिकैत (Mahendra Singh Tikait) थे।

(1) चिपको आंदोलन (Chipko Movement) की एक विशेषता लिखिए।
उत्तरः वृक्षों की कटाई को रोकना तथा पर्यावरण संरक्षण आंदोलन (Environmental Movement) का निर्माण करना।
(m) POW का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?
उत्तरः प्रिजनर ऑफ़ वॉर (Prisoner of War)1
(n) सूचना का अधिकार आंदोलन (Right to Information Movement) किस संगठन ने प्रारम्भकिया?
उत्तरः सूचना का अधिकार आंदोलन (Right to Information Movement) की शुरुआत मजदूर किसान शक्ति संगठन (Mazdoor Kisan Shakti Sangathan) ने की।
(०) ‘अखिल भारतीय किसान सभा (All India Kisan Sabha)’ की स्थापना किस वर्ष हुई?
उत्तर: 1936 में।
(p) “किसान आंदोलन (Peasant Movement) एक दल-आधारित आंदोलन है।” सत्य या असत्य लिखिए।
उत्तर: असत्य (False) |
(q) नेल्लोर ज़िले (Nellore district) में नीलामी (Auction) कितनी बार स्थगित की गई?
उत्तरः सत्रह (17) बार।
(r) भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) के नेता कौन थे?
उत्तरः भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) के नेता महेन्द्र सिंह टिकैत (Mahendra Singh Tikait) थे।
(5) शेतकारी संगठन (Shetkari Sanghatana) किस राज्य से संबंधित है?
उत्तर: शेतकारी संगठन (Shetkari Sanghatana) महाराष्ट्र (Maharashtra) राज्य से संबंधित है।
(t) भारत में महिला आंदोलन (Women’s Movement) का जनक (Father/Pioneer) किसे माना जाता है?
उत्तरः सावित्रीबाई फुले (Savitribai Phule) को भारत में महिला आंदोलन (Women’s Movement) का जनक (पायनियर/Pioneer) माना जाता है।
(u) ‘एंटी-अरैक आंदोलन (Anti-Arrack Movement)’ किससे संबंधित है?
उत्तर: मदिरा (Liquor) से संबंधित है।

(v) भारत के किस राज्य में नव निर्माण आंदोलन (Navnirman Movement)’ प्रारम्भ हुआ? HS ’17
उत्तरः ‘नव निर्माण आंदोलन (Navnirman Movement)’ गुजरात (Gujarat) राज्य में प्रारम्भ हुआ।
(w) एंटी-अरैक आंदोलन (Anti-Arrack Movement) को महिला आंदोलन कहा जा सकता है। (सत्य या असत्य) H S ’16
उत्तरः सत्य (True) |
लघु उत्तरीय प्रश्न (प्रत्येक के लिए अंक – 2)
(a) ‘सामाजिक आंदोलन (Social Movement)’ का क्या अर्थ है?
उत्तरः सामाजिक आंदोलन (Social Movement) एक सामूहिक प्रयास (Collective Effort) है, जो या तो परिवर्तन लाने के लिए किया जाता है या परिवर्तन का विरोध करने के लिए किया जाता है।
(b) दलितों (Dalits) पर कविताएँ किसने लिखीं?
उत्तर: मराठी कवि नामदेव ढसाल (Namdeo Dhasal) ने दलितों (Dalits) पर कविताएँ लिखीं। अपनी कविताओं के माध्यम से उन्होंने दलितों को जातीय भेदभाव (Caste Discrimination) के विरुद्ध जागरूक किया।
(c) चिपको आंदोलन (Chipko Movement) क्यों प्रारम्भ हुआ? HS ’17
उत्तरः उत्तराखंड (Uttarakhand) के एक गाँव की महिलाओं ने चिपको आंदोलन (Chipko Movement) की शुरुआत की क्योंकि उन्होंने सरकार के वन विभाग (Forest Department) और ठेकेदारों (Contractors) द्वारा जंगलों के विनाश की साजिश को समझा और वन संसाधनों (Forest Resources) पर अपने अधिकार स्थापित करने के लिए यह आंदोलन प्रारम्भ किया।
(d) ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन (Narmada Bachao Movement)’ क्या है? इसका नेतृत्व किसने किया?
उत्तरः नर्मदा बचाओ आंदोलन (Narmada Bachao Movement) एक विरोध आंदोलन (Protest Movement) था, जो मध्य भारत (Central India) की नर्मदा नदी (Narmada River) पर एक बड़े जलविद्युत परियोजना (Hydroelectric Project) के लिए बाँध निर्माण के सरकारी योजना के विरुद्ध उत्पन्न हुआ। इसका नेतृत्व मेधा पाटकर (Medha Patkar) ने किया।
मध्यम लंबाई के प्रश्न (प्रत्येक के लिए अंक-4)
(a) गुजरात के ‘नव निर्माण आंदोलन (Navnirman Movement)’ पर एक टिप्पणी लिखिए। HS ’14
उत्तरः जनवरी 1974 में गुजरात (Gujarat) में छात्रों ने खाद्य संकट (Food Shortage), मूल्य वृद्धि (Price Rise) और प्रशासन में भ्रष्टाचार (Corruption) के विरुद्ध एक आंदोलन प्रारम्भ किया।

यह आंदोलन ‘नव निर्माण आंदोलन (Navnirman Movement)’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इसकी शुरुआत एल. डी. इंजीनियरिंग कॉलेज (L.D. College of Engineering) में छात्रावास शुल्क (Hostel Fees) में 20 प्रतिशत वृद्धि के विरोध से हुई।
कई राजनीतिक नेताओं (Political Leaders) ने इस आंदोलन का समर्थन किया। विपक्षी दलों (Opposition Parties) ने विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) कराने की मांग की। कांग्रेस (ओ) (Congress (O)) के मोरारजी देसाई (Morarji Desai) ने भी विपक्ष का समर्थन किया।
अंततः छात्रों और विपक्षी दलों के निरंतर दबाव के कारण सरकार को गुजरात में विधानसभा चुनाव कराने पड़े। जून 1975 में हुए चुनावों में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) को भारी पराजय का सामना करना पड़ा।
(b) भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) ने सरकार के सामने कौन-कौन सी आर्थिक मांगें रखीं?
उत्तरः भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) ने सरकार के सामने निम्नलिखित आर्थिक मांगें रखीं-
(1) खाद्यान्न (Food Grains) के आवागमन पर लगी पाबंदियों को हटाना।
(2) बिजली दरों (Electricity Rates) में कमी करना।
(3) गन्ने (Sugarcane) और दूध (Milk) के दाम बढ़ाना।
(4) पंजाब (Punjab) के किसानों द्वारा नहरों (Canals) और जल निकासी (Drainage) के लिए दिए जाने वाले करों को समाप्त करना।
(5) प्राकृतिक आपदाओं (Natural Calamities) के समय पर्याप्त सहायता प्रदान करना।
(6) कृषि उत्पादों (Agricultural Produce) की बिक्री की जिम्मेदारी सरकार द्वारा लेना।
(c) ‘सरदार सरोवर परियोजना (Sardar Sarovar Project)’ क्या है?
उत्तरः ‘सरदार सरोवर परियोजना (Sardar Sarovar Project)’ नर्मदा नदी (Narmada River) पर निर्मित एक विशाल बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना (Multipurpose River Valley Project) है। इसमें गुजरात (Gujarat) में सरदार सरोवर बाँध (Sardar Sarovar Dam) का निर्माण शामिल है, जिससे सिंचाई (Irrigation), पेयजल (Drinking Water) और जलविद्युत (Hydroelectric Power) की सुविधा प्राप्त होती है।
(d) नगदी फसल बाजार (Cash-Crop Market) में संकट क्यों उत्पन्न हुआ?
उत्तरः नगदी फसल बाजार (Cash-Crop Market) में संकट निम्नलिखित कारणों से उत्पन्न हुआ-
(1) उदारीकरण (Liberalization) और मुक्त व्यापार (Free Trade) की नीतियों को अपनाना।

(2) विभिन्न क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं (Natural Calamities) का होना।
(e) चिपको आंदोलन (Chipko Movement) की क्या मांगें थीं?
उत्तर: 1970 के दशक में प्रारम्भ हुए चिपको आंदोलन (Chipko Movement) की मुख्य मांगें थीं-
(1) बाहरी ठेकेदारों (Outside Contractors) को वन ठेके देना बंद किया जाए।
(2) भूमि (Land), जल (Water) और वन संसाधनों (Forest Resources) पर स्थानीय लोगों के अधिकार स्थापित किए जाएँ।
(3) स्थानीय लोगों को आजीविका (Livelihood) के स्रोत के रूप में वनों पर अधिकार दिया जाए।
(4) पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना वन संसाधनों पर आधारित लघु उद्योग (Small-scale Industries) स्थापित करने की अनुमति दी जाए।
(1) सामाजिक आंदोलनों (Social Movements) का महत्व बताइए।
उत्तरः सामाजिक आंदोलनों (Social Movements) का महत्व निम्नलिखित है-
(1) ये व्यक्ति (Individual) और समाज (Society) के बीच संबंध स्थापित करते हैं तथा लोगों को विभिन्न सामाजिक समस्याओं (Social Problems) के प्रति जागरूक बनाते हैं।
(2) ये जनसमूह (Masses) को शिक्षित और संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा महत्वपूर्ण मुद्दों (Issues), नीतियों (Policies) और योजनाओं (Plans) की ओर जन-ध्यान आकर्षित करते हैं। साथ ही ये विकास (Development) के लिए नए दृष्टिकोण और विकल्प प्रस्तुत करते हैं।
(3) ये सरकार (Government) और जनता (People) के बीच विचारों (Thoughts), आशाओं (Hopes) और आवश्यकताओं (Needs) के संबंध में संवाद स्थापित करते हैं।
(g) क्या आप मानते हैं कि एंटी-अरैक आंदोलन (Anti-Arrack Movement) को महिला आंदोलन कहा जा सकता है? क्यों? HS ’17
उत्तर: एंटी-अरैक आंदोलन (Anti-Arrack Movement) आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के नेल्लोर ज़िले (Nellore district) में हुआ था। इसे महिला आंदोलन कहा जा सकता है क्योंकि इसकी शुरुआत महिलाओं ने स्थानीय शराब ‘अरैक (Arrack)’ के सेवन के विरुद्ध की थी।
पुरुषों द्वारा अरैक (Arrack) का सेवन करने के बाद महिलाओं पर शारीरिक (Physical) और मानसिक (Mental) अत्याचार किए जाते थे। इसके विरोध में यह आंदोलन पहले नेल्लोर ज़िले में प्रारम्भ हुआ और बाद में पूरे आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में फैल गया।
इस सशक्त आंदोलन के परिणामस्वरूप नेल्लोर ज़िले में अरैक (Arrack) की नीलामी (Auction) को सत्रह बार स्थगित करना पड़ा। यद्यपि यह आंदोलन अरैक के विरुद्ध था, फिर भी महिलाओं ने अपनी अन्य समस्याओं को भी जनता और सरकार के सामने प्रस्तुत किया।

इसलिए इसे एक महिला आंदोलन (Women’s Movement) कहना उचित है।
निबंधात्मक प्रश्न (प्रत्येक के लिए अंक – 6) –
(a) भारत में नारीवादी आंदोलन (Feminist Movement) पर एक निबंध लिखिए।
उत्तरः भारतीय समाज (Indian Society) में, जो लंबे समय तक पुरुष-प्रधान (Male-dominated) रहा है, महिलाओं को शोषण (Exploitation), वंचना (Deprivation) और उत्पीड़न (Oppression) का सामना करना पड़ा है। विभिन्न समयों पर महिलाओं ने इन अन्यायों के विरुद्ध आवाज़ उठाई है।
ब्रिटिश शासन (British Rule) के दौरान राजा राममोहन राय (Raja Rammohan Roy), दयानंद सरस्वती (Dayanand Saraswati) और ईश्वर चंद्र विद्यासागर (Ishwar Chandra Vidyasagar) जैसे समाज सुधारकों ने महिलाओं की सामाजिक गरिमा (Social Dignity) की रक्षा के लिए प्रयास किए। स्वतंत्रता आंदोलन (Freedom Movement) के समय महिलाओं को संगठित करने के लिए विभिन्न संगठनों का गठन किया गया।
स्वतंत्रता (Independence) के बाद, यद्यपि भारतीय संविधान (Constitution of India) ने पुरुषों और महिलाओं को समान अधिकार (Equal Rights) प्रदान किए, फिर भी समाज में महिलाओं की स्थिति में विशेष सुधार नहीं हुआ। पिछले चार दशकों में भारत में कई नारीवादी आंदोलन (Feminist Movements) उभरे हैं। 1972 में एला भट्ट (Ela Bhatt) के प्रयासों से स्व-नियोजित महिला संघ (Self-Employed Women’s Association) जैसे संगठनों की स्थापना हुई।
इन संगठनों ने महिलाओं की न्यायपूर्ण गरिमा (Just Dignity) के लिए संघर्ष किया। महिलाओं के आंदोलनों के कारण सरकार ने कई कानून बनाए, जैसे- हिंदू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act), हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम (Hindu Succession Act), घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम (Protection of Women from Domestic Violence Act) और बाल विवाह निषेध अधिनियम (Child Marriage Restraint Act) |
इसके अतिरिक्त, 2001 में सरकार ने महिला सशक्तिकरण की राष्ट्रीय नीति (National Policy for the Empowerment of Women) को अपनाया और 2005 में घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानून को पूरे भारत में लागू किया, जिससे महिलाओं के अधिकारों (Women’s Rights) की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
(b) सामाजिक आंदोलन (Social Movement) और राजनीतिक आंदोलन (Political Movement) में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तरः सामाजिक आंदोलन (Social Movement) और राजनीतिक आंदोलन (Political Movement) के बीच निम्नलिखित अंतर हैं-
(1) सामाजिक आंदोलन सामाजिक समस्याओं (Social Problems) के समाधान या सामाजिक हितों (Social Interests) की रक्षा के लिए होते हैं, जबकि राजनीतिक आंदोलन (Political Movement) राजनीतिक दलों (Political Parties) की विचारधारा (Ideology) से संबंधित होते हैं।

(2) सामाजिक आंदोलनों की मांगें सामान्यतः जनता (People) द्वारा उठाई जाती हैं, जबकि राजनीतिक आंदोलन राजनीतिक शक्ति (Political Power) से जुड़े होते हैं।
(3) सामाजिक आंदोलन प्रायः क्षेत्रीय स्तर (Regional Level) से प्रारम्भ होते हैं, जबकि राजनीतिक आंदोलन व्यापक या राष्ट्रीय स्तर (National Level) पर प्रारम्भ होते हैं।
(4) सामाजिक आंदोलन सामान्यतः जमीनी स्तर (Grassroots Level) से उत्पन्न होते हैं, जबकि राजनीतिक आंदोलन प्रभावशाली नेताओं (Influential Leaders) या समूहों द्वारा संगठित किए जाते हैं।
(5) सामाजिक आंदोलन सामाजिक और मानवीय मूल्यों (Social and Human Values) पर अधिक केंद्रित होते हैं, जबकि राजनीतिक आंदोलन भौतिक (Material) या शक्ति-संबंधी (Power-related) मुद्दों पर केंद्रित होते हैं।
(6) सामाजिक आंदोलन सामान्यतः शांतिपूर्ण (Peaceful) होते हैं, जबकि राजनीतिक आंदोलन कई बार हिंसात्मक (Violent) रूप भी ले लेते हैं।
(c) चिपको आंदोलन (Chipko Movement) के बारे में लिखिए। इसका प्रभाव क्या था? HS ’18, ’20
उत्तर: चिपको आंदोलन (Chipko Movement) की शुरुआत उत्तराखंड (Uttarakhand) के एक गाँव की महिलाओं द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य सरकार के वन विभाग (Forest Department) के निर्देश पर ठेकेदारों (Contractors) द्वारा वनों के विनाश का विरोध करना तथा वन निवासियों (Forest Dwellers) के अधिकारों की रक्षा करना था।
इस आंदोलन की मुख्य मांगें थीं- बाहरी ठेकेदारों को वन ठेके देना बंद किया जाए, प्राकृतिक संसाधनों (Natural Resources) पर स्थानीय लोगों के अधिकार स्थापित किए जाएँ, आजीविका (Livelihood) के अधिकार दिए जाएँ तथा पर्यावरण के अनुकूल लघु उद्योगों (Eco-friendly Small Industries) को बढ़ावा दिया जाए।
इस आंदोलन का प्रभाव बहुत व्यापक था। इसके परिणामस्वरूप हिमालयी क्षेत्र (Himalayan Region) में वृक्षों की कटाई पर 15 वर्षों का प्रतिबंध लगा दिया गया, जब तक कि पर्याप्त वनावरण (Forest Cover) पुनः स्थापित नहीं हो गया। इसने भारत में अन्य सामाजिक आंदोलनों और जन-आंदोलनों (Public Protests) को भी प्रेरित किया।
(d) क्या आप मानते हैं कि भारत में सामाजिक आंदोलन (Social Movements) महत्वपूर्ण हैं? अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिए। HS ’15
उत्तरः सामाजिक आंदोलन (Social Movement) एक सामूहिक प्रयास (Collective Effort) है, जिसका उद्देश्य परिवर्तन लाना या परिवर्तन का विरोध करना होता है। उदाहरण के रूप में चिपको आंदोलन (Chipko Movement) को लिया जा सकता है।
भारत में सामाजिक आंदोलनों का अत्यधिक महत्व है क्योंकि ये लोगों के बीच जागरूकता (Awareness) उत्पन्न करते हैं, उन्हें शिक्षित (Educate) और संगठित (Mobilize) करते हैं तथा जनता और सरकार के बीच संवाद (Communication) स्थापित करते हैं।

ये आंदोलन दूरगामी सुधार (Far-reaching Reforms) लाने में सहायक होते हैं। भारत जैसे विशाल देश में सामाजिक आंदोलन आधुनिकीकरण (Modernization) और सुधार (Reform) की दिशा में एक प्रेरक शक्ति (Driving Force) के रूप में कार्य करते हैं।
(e) ‘नर्मदा बचाओ आंदोलन (Narmada Bachao Movement)’ का संक्षेप में वर्णन कीजिए। HS ’16
उत्तरः नर्मदा बचाओ आंदोलन (Narmada Bachao Movement) एक विरोध आंदोलन (Protest Movement) था, जो नर्मदा नदी (Narmada River) पर एक बड़े जलविद्युत परियोजना (Hydroelectric Project) के लिए बाँध निर्माण की सरकारी योजना के विरुद्ध प्रारम्भ हुआ। इसका नेतृत्व मेधा पाटकर (Medha Patkar) ने किया।
यह आंदोलन लंबे समय तक चलता रहा। सरकार ने इसे दबाने का प्रयास किया, लेकिन अंततः उसे जनता के तर्कों (Arguments) को स्वीकार करना पड़ा।
इस आंदोलन का औचित्य इस बात में था कि बड़े बाँध के निर्माण से घाटी क्षेत्र (Valley Region) में जल संकट (Water Scarcity) उत्पन्न हो सकता था, पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) बिगड़ सकता था, अनेक लोगों का विस्थापन (Displacement) बिना उचित पुनर्वास (Rehabilitation) के हो सकता था तथा भविष्य में जन-विरोधी (Anti-people) परियोजनाओं को बढ़ावा मिल सकता था।
(f) 2001 की महिला सशक्तिकरण की राष्ट्रीय नीति (National Policy for the Empowerment of Women) के चार उद्देश्यों को लिखिए। HS ’16
उत्तर: 2001 में सरकार ने महिला सशक्तिकरण की राष्ट्रीय नीति (National Policy for the Empowerment of Women) को अपनाया। इसके चार मुख्य उद्देश्य थे-
(1) महिलाओं के विरुद्ध भेदभाव (Discrimination) को समाप्त करना और एक प्रभावी न्यायिक प्रणाली (Effective Judicial System) का निर्माण करना।
(2) महिलाओं के पूर्ण विकास (Full Development) के लिए एक सकारात्मक वातावरण (Positive Environment) तैयार करना।
(3) महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा (Social Security), रोजगार (Employment), समान दर्जा (Equal Status), स्वास्थ्य (Health) और अन्य सुविधाएँ प्रदान करना।
(4) महिलाओं को पुरुषों के समान सामाजिक (Social), राजनीतिक (Political), सांस्कृतिक (Cultural) और नागरिक अधिकार (Civic Rights) सुनिश्चित करना। ०००

Rabbi Masrur

A Thinker, Writer & Speaker.

 

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