Class 12 Political Science Chapter 13 भारत के विदेशी संबंध Solutions 2026–27
Class 12 Political Science Chapter 13 भारत के विदेशी संबंध Solutions 2026–27 कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए सरल, स्पष्ट और परीक्षा-केंद्रित तरीके से तैयार किया गया अध्ययन सामग्री है। इस अध्याय में भारत की विदेश नीति, गुटनिरपेक्षता, पंचशील, पड़ोसी देशों के साथ संबंध, भारत-चीन संबंध, भारत-पाकिस्तान संबंध और वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों को आसान हिंदी में समझाया गया है।
यहां अध्याय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और Revision Materials दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी विषय को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।
📚 यहां क्या-क्या मिलेगा?
- 📖 Chapter 13 के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
- ⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
- 📝 लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- 🇮🇳 भारत की विदेश नीति से जुड़े महत्वपूर्ण विषय
- 🌏 गुटनिरपेक्ष आंदोलन और भारत की भूमिका
- 🤝 पंचशील के सिद्धांत
- 🇨🇳 भारत-चीन संबंध
- 🇵🇰 भारत-पाकिस्तान संबंध
- ☢️ भारत की परमाणु नीति
- 🌐 वैश्विक राजनीति में भारत की भूमिका
- 📚 Quick Revision Materials
- 🎯 2026–27 परीक्षा की तैयारी
🇮🇳 भारत के विदेशी संबंध: मुख्य विषय
स्वतंत्रता के बाद भारत ने अपनी विदेश नीति को राष्ट्रीय हित, विश्व शांति, संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय लेने जैसे सिद्धांतों के आधार पर विकसित किया। भारत ने गुटनिरपेक्षता को अपनी विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण आधार बनाया और शीत युद्ध के दौरान किसी भी शक्ति गुट का स्थायी हिस्सा बनने से बचने का प्रयास किया।
इस अध्याय में भारत की विदेश नीति के प्रमुख उद्देश्य, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, पंचशील, भारत-चीन युद्ध, भारत-पाकिस्तान संबंध, परमाणु नीति और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया जाता है।
🎯 परीक्षा की तैयारी को आसान बनाएं
इस अध्याय की तैयारी करते समय भारत की विदेश नीति के प्रमुख सिद्धांतों और विभिन्न देशों के साथ भारत के संबंधों को क्रम से समझना महत्वपूर्ण है। भारत-चीन संबंध, भारत-पाकिस्तान संबंध और गुटनिरपेक्षता जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने से परीक्षा में बेहतर उत्तर लिखने में मदद मिलती है।
Class 12 Political Science Chapter 13 भारत के विदेशी संबंध Solutions 2026–27 के माध्यम से विद्यार्थी अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं और परीक्षा से पहले प्रभावी Revision कर सकते हैं।
🌟 सरल भाषा में तैयार अध्ययन सामग्री
इस अध्याय की सामग्री सरल, स्पष्ट और विद्यार्थियों के लिए आसानी से समझने योग्य भाषा में तैयार की गई है। अध्याय के मुख्य concepts, महत्वपूर्ण घटनाओं और परीक्षा के लिए उपयोगी topics को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया है, ताकि विद्यार्थी कम समय में आवश्यक विषयों का revision कर सकें।
यह सामग्री Class Test, Unit Test, Pre-Board और Class 12 Final Examination 2026–27 की तैयारी के लिए उपयोगी है।
Class 12 Political Science Chapter 13 भारत के विदेशी संबंध
अध्याय 13: भारत के विदेशी संबंध (India’s Foreign Relations)
चयनित प्रश्न-उत्तर (Selected Questions-Answers)
अति लघु प्रश्न और उत्तर (प्रत्येक के लिए अंक – 1)
(a) NEFA का पूर्ण रूप क्या है?
उत्तरः नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (North-East Frontier Agency) 1
(b) 1966 में भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान (General Ayub Khan) के बीच हुए समझौते का नाम क्या है?
उत्तरः ताशकंद समझौता (Tashkent Agreement) |
(c) शिमला समझौता (Shimla Agreement) कब हुआ था?
उत्तर: 1972 में।
(d) बांग्लादेश (Bangladesh) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच युद्ध किस वर्ष हुआ था?
उत्तर: 1971 में।
(e) मैकमोहन रेखा (McMahon Line) को चीन (China) और भारत (India) के बीच सीमा के रूप में किस वर्ष निर्धारित किया गया था?
उत्तर: 1914 में।
(f) भारतीय संविधान (Constitution of India) के किस अनुच्छेद (Article) में विदेश नीति (foreign policy) का उल्लेख है?
उत्तरः अनुच्छेद 51 (Article 51)1
(g) भारत की विदेश नीति (foreign policy) के शिल्पकार (architect) किसे माना जाता है?
उत्तरः स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) |
(h) चीन (China) ने तिब्बत (Tibet) का विलय किस वर्ष किया था?
उत्तर: 1950 में।
(i) चीन (China) ने भारत (India) पर कब आक्रमण किया?
उत्तर: 1962 में।
(j) कश्मीर (Kashmir) के विभाजन का प्रस्ताव किसने रखा था?
उत्तरः संयुक्त राष्ट्र (United Nations) |
(k) प्रथम गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन (Non-Aligned Summit) कहाँ आयोजित हुआ था?
उत्तर: बांडुंग (Bandung), इंडोनेशिया (Indonesia) में।
टिप्पणी (Note): पहला प्रमुख एशिया-अफ्रीका सम्मेलन (Afro-Asian Conference) 1955 में बांडुंग (Bandung) में आयोजित हुआ था।
(1) भारत की विदेश नीति (foreign policy) का मुख्य सिद्धांत क्या है?
उत्तरः गुटनिरपेक्षता (Non-alignment) |
(m) ‘विदेश नीति (foreign policy)’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तरः एक स्वतंत्र राज्य (independent state) द्वारा अन्य राज्यों (other states) के साथ संबंध स्थापित करने के लिए अपनाई गई नीति को विदेश नीति (foreign policy) कहा जाता है।
(n) पंचशील समझौता (Panchsheel Agreement) भारत (India) और के बीच हुआ था।
उत्तर: चीन (China) |
(०) कारगिल युद्ध (Kargil War) किस वर्ष हुआ था?
उत्तर: 1999 में।
(p) भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) सत्ता में किस वर्ष आई?
उत्तर: 1980 में।
टिप्पणी (Note): भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) का गठन 1980 में हुआ और यह पहली बार राष्ट्रीय स्तर (national level) पर 1998 में सत्ता में आई। 1977 में जनता पार्टी (Janata Party) ने सरकार बनाई थी।
(q) विदेश नीति (foreign policy) के मुख्य घटक (components) क्या हैं?
उत्तरः राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) और राष्ट्रीय हित (national interest)।
(r) भारत की विदेश नीति (foreign policy) के मुख्य शिल्पकार किसे कहा जाता है?
उत्तर: जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) |
(s) 1971 में भारत (India) ने किस देश के साथ ‘मैत्री संधि (Treaty of Friendship)’ पर हस्ताक्षर किए थे?
उत्तरः सोवियत संघ (Soviet Union) के साथ।
टिप्पणी (Note): यह भारत-सोवियत शांति, मैत्री और सहयोग संधि (Indo-Soviet Treaty of Peace, Friendship and Cooperation) थी।
(t) CTBT का पूर्ण रूप क्या है?
उत्तर: कॉम्प्रिहेन्सिव टेस्ट बैन ट्रीटी (Comprehensive Test Ban Treaty) |
(u) भारत (India) ने अपना पहला परमाणु विस्फोट (nuclear explosion) कब किया था? H.S. ’18
उत्तर: 1974 में पोखरण (Pokhran) में।
(v) 1972 में इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) और जुल्फिकार अली भुट्टो (Zulfikar Ali Bhutto) के बीच हुए समझौते का नाम क्या है? H.S. ’15
उत्तरः शिमला समझौता (Shimla Agreement) |
(w) स्वतंत्र भारत (independent India) के प्रथम गृह मंत्री (Home Minister) कौन थे? H.S. ’15
उत्तरः सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) |
(x) भारत के किस प्रधानमंत्री (Prime Minister) ने पंचशील नीति (Panchsheel policy) को अपनाया? H.S. ’17
उत्तरः स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) |
लघु प्रश्न और उत्तर (प्रत्येक के लिए अंक – 2)
(a) भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) के बीच विवाद के दो प्रमुख मुद्दों का उल्लेख कीजिए। H.S. ’15, ’19
उत्तर:
1. जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) का मुद्दा।
2. बांग्लादेश (Bangladesh) की स्वतंत्रता का मुद्दा।
(b) भारत (India) और चीन (China) के बीच विवाद के दो मुद्दे बताइए।
उत्तर:
1. सीमा विवाद (border dispute) |
2. दलाई लामा (Dalai Lama) को शरण देना।
(c) शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व (peaceful coexistence) से क्या अभिप्राय है?
उत्तरः शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व (peaceful coexistence) पंचशील (Panchsheel) का एक सिद्धांत है, जिसका अर्थ है अपनी संप्रभुता (sovereignty) बनाए रखते हुए अन्य देशों की आंतरिक और बाह्य संप्रभुता (internal and external sovereignty) का सम्मान करना और शांति से साथ रहना।
(d) गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment) से क्या अभिप्राय है?
उत्तरः गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment) का अर्थ है किसी भी सैन्य गुट (military bloc) में शामिल न होना और स्वतंत्र विदेश नीति (independent foreign policy) अपनाना।
(e) भारत की परमाणु नीति (nuclear policy) के दो महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
1. परमाणु ऊर्जा (nuclear energy) का शांतिपूर्ण उपयोग (peaceful purposes) |
2. परमाणु हथियारों (nuclear weapons) द्वारा पूर्ण विनाश (total destruction) का विरोध।
(1) जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) की विदेश नीति (foreign policy) के दो उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए। H.S. ’18
उत्तर:
1. भारत की संप्रभुता (sovereignty) की रक्षा करना।
2. विदेशी देशों (foreign countries) के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध (friendly relations) स्थापित करना।
मध्यम लंबाई के प्रश्न और उत्तर (प्रत्येक के लिए अंक – 4)
(a) पंचशील (Panchsheel) क्या है? इसके मुख्य सिद्धांत क्या हैं? H.S. ’13
उत्तर: एक भाषण में जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) ने भारत-चीन (India-China) संबंधों के मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में पाँच सिद्धांतों का उल्लेख किया, जिन्हें पंचशील (Panchsheel) कहा जाता है। बाद में ये सिद्धांत गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) का आधार बने।
इसके पाँच सिद्धांत हैं-
1. एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता (territorial integrity) और संप्रभुता (sovereignty) का परस्पर सम्मान।
2. परस्पर आक्रमण न करना (mutual non-aggression) |
3. एक-दूसरे के आंतरिक मामलों (internal affairs) में हस्तक्षेप न करना।
4. समानता (equality) और पारस्परिक लाभ (mutual benefit) |
5. शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व (peaceful coexistence) |
(b) भारत की विदेश नीति (foreign policy) के प्रमुख उद्देश्य या विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तरः भारत की विदेश नीति (foreign policy) के प्रमुख उद्देश्य (objectives) निम्नलिखित हैं-
1. क्षेत्रीय एकता (territorial unity) की रक्षा करना।
2. अंतरराष्ट्रीय शांति (international peace) और सुरक्षा (security) को बनाए रखना और बढ़ावा देना।
3. पड़ोसी देशों (neighbouring countries) के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करना।
4. भारत की सीमाओं (borders) के भीतर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
5. अन्य देशों (other countries) के साथ व्यापार (trade) बढ़ाना।
6. भारत के वायु (air) और समुद्री मार्गों (sea routes) को सुचारु बनाना।
7. उपनिवेशवाद (colonial rule) के अधीन देशों की स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करना।
8. जाति (caste), नस्ल (race) और धर्म (religion) के आधार पर भेदभाव (discrimination) का विरोध करना।
9. अंतरराष्ट्रीय विवादों (international disputes) का शांतिपूर्ण समाधान करना।
10. अंतरराष्ट्रीय संगठनों (international organisations), विशेषकर संयुक्त राष्ट्र (United Nations), के साथ सहयोग करना।
(c) भारत की विदेश नीतियों (foreign policies) पर चर्चा कीजिए।
उत्तरः भारत की प्रमुख विदेश नीतियाँ (foreign policies) निम्नलिखित हैं-
1. गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment): शीत युद्ध (Cold War) के दौरान भारत ने गुटनिरपेक्षता की नीति अपनाई और शीत युद्ध के बाद भी यह इसकी विदेश नीति का महत्वपूर्ण अंग बना हुआ है।
2. उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद का विरोध (Opposition to colonialism and imperialism): लगभग 200 वर्षों तक उपनिवेशवाद (colonial rule) का अनुभव करने के कारण भारत ने इसका विरोध किया और एशिया (Asia) तथा अफ्रीका (Africa) के स्वतंत्रता आंदोलनों (freedom movements) का समर्थन किया।
3. विश्व शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का समर्थनः भारत संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का संस्थापक सदस्य (founding member) है और इसके माध्यम से विवादों के समाधान पर बल देता है।
4. न्यायपूर्ण उद्देश्यों का अनुसरण (Pursuit of just objectives): महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) से प्रेरित होकर भारत अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान (peaceful methods) का समर्थन करता है और युद्ध (war) तथा हिंसा (violence) का विरोध करता है।
5. अन्य देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध (Friendly relations): बिना किसी सैन्य गठबंधन (military alliances) में शामिल हुए, भारत सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने में विश्वास करता है।
(d) शिमला समझौते (Shimla Agreement) का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तरः जून 1972 में भारत के प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो (Zulfikar Ali Bhutto) के बीच शिमला (Shimla) में एक समझौता हुआ, जिसे शिमला समझौता (Shimla Agreement) कहा जाता है।
इसके प्रमुख प्रावधान (provisions) थे
1. दोनों देश अपने विवादों (disputes) को द्विपक्षीय (bilateral) और शांतिपूर्ण वार्ता (peaceful negotiations) के माध्यम से सुलझाएँगे।
2. दोनों देश एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता (territorial integrity), राजनीतिक स्वतंत्रता (political independence) और संप्रभु समानता (sovereign equality) का सम्मान करेंगे।
3. दोनों देश एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता के विरुद्ध बल (use of force) का प्रयोग नहीं करेंगे।
हालाँकि, इस समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव (tensions) बना रहा।
(e) भारत की विदेश नीति (foreign policy) के शिल्पकार कौन थे? जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) की विदेश नीति के मुख्य उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर: जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) भारत की विदेश नीति (foreign policy) के शिल्पकार (architect) थे। उनके मुख्य उद्देश्य (objectives) निम्नलिखित थे-
1. गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment) अपनाकर भारत की संप्रभुता (sovereignty) की रक्षा करना, ताकि देश किसी विदेशी शक्ति (foreign power) के प्रभाव में न आए।
2. पड़ोसी देशों (neighbouring countries) के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करना, जिससे स्वतंत्रता (independence) के बाद और विभाजन (partition) न हो।
3. विकसित देशों (developed countries) के साथ व्यापार (trade) और तकनीकी सहयोग (technical cooperation) बढ़ाकर तीव्र आर्थिक विकास (rapid economic development) को प्रोत्साहित करना।
(f) भारत (India) ने गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment) की नीति क्यों अपनाई? चर्चा कीजिए। H.S. ’14, 16, 19
उत्तरः द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के बाद शीत युद्ध (Cold War) के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) और सोवियत संघ (Soviet Union) के बीच संघर्ष की स्थिति बनी। इस समय भारत ने गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment) की नीति अपनाई। इसके मुख्य कारण थे-
1. स्वतंत्रता के समय भारत सैन्य दृष्टि से (militarily) सशक्त नहीं था, इसलिए युद्ध (war) के खतरों से बचने के लिए उसने किसी भी गुट में शामिल होने से परहेज किया।
2. भारत को आर्थिक विकास (economic development) के लिए शांतिपूर्ण वातावरण (peaceful environment) की आवश्यकता थी, इसलिए उसने सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखे।
3. एक बड़े और संप्रभु राष्ट्र (sovereign nation) के रूप में भारत स्वतंत्र विदेश नीति (independent foreign policy) अपनाना चाहता था और विश्व राजनीति (world politics) में सम्मानजनक स्थान प्राप्त करना चाहता था।
4. भारत के शांतिप्रिय लोगों (peace-loving people) ने इस नीति का समर्थन किया क्योंकि यह भारत की सभ्यता (civilisation), संस्कृति (culture) और दर्शन (philosophy) को प्रतिबिंबित करती थी।
(g) भारत की परमाणु नीति (nuclear policy) के मार्गदर्शक व्यक्तित्व (guiding figure) किसे माना जा सकता है? भारत की परमाणु नीति का वर्णन कीजिए। H.S. ’20
उत्तरः होमी जहांगीर भाभा (Homi Jehangir Bhabha) को भारत की परमाणु नीति (nuclear policy) का मार्गदर्शक व्यक्तित्व (guiding figure) माना जाता है। उनके नेतृत्व में 1940 के दशक के अंत (late 1940s) में भारत का परमाणु कार्यक्रम (nuclear programme) प्रारंभ हुआ।
जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) ने आधुनिक भारत (modern India) के निर्माण के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी विकास (scientific and technological development) का समर्थन किया तथा परमाणु निरस्त्रीकरण (nuclear disarmament) का समर्थन किया। 1964 में चीन (China) द्वारा परमाणु परीक्षण (nuclear test) किए जाने के बाद परमाणु हथियारों की दौड़ (nuclear arms race) तेज हो गई।
यद्यपि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने परमाणु निरस्त्रीकरण संधियों (nuclear disarmament treaties) का आह्वान किया, भारत ने परमाणु अप्रसार संधि (Nuclear Non-Proliferation Treaty) को भेदभावपूर्ण (discriminatory) मानते हुए उस पर हस्ताक्षर नहीं किया। हालांकि, भारत ने 1963 में आंशिक परीक्षण प्रतिबंध संधि (Partial Test Ban Treaty) पर हस्ताक्षर किए और 1974 तथा 1998 में परमाणु परीक्षण किए। 1999 में भारत ने विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध (credible minimum deterrence)’ पर आधारित परमाणु सिद्धांत (nuclear doctrine) अपनाया तथा पहले उपयोग न करने (no-first-use policy)’ की घोषणा की।
(h) भारत (India) और पाकिस्तान (Pakistan) के बदलते संबंधों पर चर्चा कीजिए। H.S. 115
उत्तरः पाकिस्तान (Pakistan) 14 अगस्त 1947 को और भारत (India) 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुए। स्वतंत्रता के समय से ही दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण (strained) रहे हैं।
मुख्य विवादों (issues) में कश्मीर (Kashmir) विवाद, सीमा पार आतंकवाद (cross-border terrorism) और परमाणु प्रतिस्पर्धा (nuclear rivalry) शामिल हैं। 1960 में सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) पर हस्ताक्षर हुए। 1965 में कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण किया। 1971 में बांग्लादेश (Bangladesh) को लेकर युद्ध हुआ, जिसके बाद 1972 में शिमला समझौता (Shimla Agreement) हुआ, जिससे कुछ समय के लिए संबंधों में सुधार हुआ।
हालाँकि, 1993 के मुंबई बम विस्फोट (Mumbai bomb blasts), 1999 का कारगिल युद्ध (Kargil War), 2001 में भारतीय संसद (Indian Parliament) पर हमला और 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले (Mumbai terrorist attacks) जैसी घटनाओं ने संबंधों को पुनः तनावपूर्ण बना दिया। इसके बावजूद, भारत ने द्विपक्षीय संबंधों (bilateral relations) को सुधारने के प्रयास जारी रखे हैं। 000
