Class 12 Political Science Chapter 1 शीत युद्ध Solutions 2026–27
Class 12 Political Science Chapter 1 शीत युद्ध Solutions 2026–27 कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए सरल और परीक्षा-केंद्रित तरीके से तैयार की गई अध्ययन सामग्री है। इस अध्याय में शीत युद्ध का अर्थ, इसके कारण, अमेरिका और सोवियत संघ के बीच तनाव, दो ध्रुवीय विश्व व्यवस्था, सैन्य गठबंधन और शीत युद्ध के प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझाया गया है।
यहां अध्याय के प्रश्न-उत्तर आसान हिंदी भाषा में दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी विषय को अच्छी तरह समझ सकें और परीक्षा में अपने उत्तर स्पष्ट रूप से लिख सकें।
📚 यहां क्या मिलेगा?
- 📖 Chapter 1 के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
- ⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
- 📝 लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- 🌍 शीत युद्ध से जुड़े महत्वपूर्ण विषय
- 🇺🇸 अमेरिका और 🇷🇺 सोवियत संघ की भूमिका
- 🤝 सैन्य गठबंधनों से जुड़े प्रश्न
- 🌐 NATO और Warsaw Pact से संबंधित जानकारी
- ☢️ परमाणु हथियारों की होड़
- 📚 Quick Revision Materials
- 🎯 2026–27 परीक्षा की तैयारी
🌍 शीत युद्ध अध्याय के मुख्य विषय
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका और सोवियत संघ के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य और वैचारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ गई। दोनों महाशक्तियां अपने-अपने प्रभाव को बढ़ाने का प्रयास कर रही थीं। इस तनावपूर्ण स्थिति को शीत युद्ध कहा गया।
इस अध्याय में द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था, NATO, Warsaw Pact, हथियारों की दौड़, परमाणु युद्ध का खतरा और गुटनिरपेक्ष आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को समझने का अवसर मिलता है।
🎯 परीक्षा की तैयारी को आसान बनाएं
इस अध्याय की तैयारी करते समय केवल प्रश्न-उत्तर याद करने के बजाय शीत युद्ध के पीछे के कारणों और अमेरिका तथा सोवियत संघ के बीच संबंधों को समझना अधिक उपयोगी है। इससे विद्यार्थी अलग-अलग प्रकार के प्रश्नों के उत्तर अपने शब्दों में लिख सकते हैं।
Class 12 Political Science Chapter 1 शीत युद्ध Solutions 2026–27 के माध्यम से विद्यार्थी अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं और परीक्षा से पहले आसानी से Revision कर सकते हैं।
🌟 सरल भाषा में तैयार अध्ययन सामग्री
इस अध्याय का content नए तरीके से लिखा गया है और भाषा को सरल, स्पष्ट तथा विद्यार्थियों के लिए आसानी से समझने योग्य रखा गया है। अनावश्यक जानकारी से बचते हुए अध्याय से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान दिया गया है।
यह सामग्री Class Test, Unit Test, Pre-Board और Class 12 Final Examination 2026–27 की तैयारी में उपयोगी हो सकती है।
भाग-क (Part-A) समकालीन विश्व राजनीति (Contemporary World Politics)
Class 12 Political Science Chapter 1 शीत युद्ध Solutions
अध्याय-1: शीत युद्ध (Cold War)
चयनित प्रश्न एवं उत्तर (Selected Questions & Answers)
अति लघु प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type Questions)
(क) NATO का पूर्ण रूप क्या है? (H.S. ’20)
उत्तर: NATO का पूर्ण रूप North Atlantic Treaty Organisation (NATO) है।
(ख) NIEO का पूर्ण रूप क्या है? (H.S. ’17)
उत्तर: NIEO का पूर्ण रूप New International Economic Order (NIEO) है।
(ग) CENTO का पूर्ण रूप क्या है?
उत्तर : CENTO का पूर्ण रूप Central Treaty Organisation (CENTO) है।
(घ) LOCS क्या है?
उत्तर: LOCS का अर्थ Line of Controls (LOCs) है।
(ङ) NAM का पूर्ण रूप क्या है?
उत्तर: Non-Aligned Movement (NAM) |
(च) LDCs क्या हैं?
उत्तर: Least Developed Countries (LDCs)|
(छ) जर्मनी का एकीकरण किस वर्ष हुआ?
उत्तर: 1990 में।
(ज) ‘शीत युद्ध’ (Cold War) से क्या अभिप्राय है?
उत्तरः द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व की दो महाशक्तियों अमेरिका संयुक्त राज्य (United States of America) और सोवियत रूस (Soviet Russia) के बीच विश्व राजनीति में प्रभुत्व स्थापित करने हेतु चली प्रतिस्पर्धा तथा कूटनीतिक तनाव को ‘शीत युद्ध (Cold War)’ कहा जाता है।
(झ) शीत युद्ध कब प्रारंभ हुआ?
उत्तर: 1945 में।
(ञ) शीत युद्ध कब समाप्त हुआ?
उत्तर: 1991 में।
(ट) वार्सा संधि (Warsaw Pact) का मुख्य कार्य क्या था?
उत्तरः वार्सा संधि (Warsaw Pact) का मुख्य कार्य NATO का प्रतिरोध करना था।
(ठ) क्यूबा संकट (Cuba Crisis) क्या है?
उत्तर: क्यूबा संकट (Cuba Crisis) वह स्थिति है, जब अमेरिका (United States) ने सोवियत रूस (Soviet Russia) को क्यूबा (Cuba) में परमाणु मिसाइलें स्थापित करने से रोकने का प्रयास किया, जिससे दोनों के बीच गंभीर मतभेद उत्पन्न हुए।
(ड) दो महाशक्तियों के नाम लिखिए।
अथवा
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उभरी दो बड़ी शक्तियों के नाम लिखिए। (H.S. ’18)
उत्तरः अमेरिका संयुक्त राज्य (United States of America) और सोवियत रूस (Soviet Russia) |
(ढ) अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम किस वर्ष गिराया?
उत्तर: 1945 में।
(ण) CENTO का उद्देश्य पृथकता (Isolation) था क्या?
उत्तर: नहीं, CENTO का उद्देश्य पृथकता नहीं था। इसका उद्देश्य स्वतंत्र विदेश नीति (Independent Foreign Policy) अपनाना तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व (Peaceful Co-existence) बनाए रखना था।
(त) गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) के संस्थापक कौन थे?
उत्तरः जोसिप ब्रोज़ टीटो (Josip Broz Tito) |
(थ) गुटनिरपेक्ष आंदोलन का प्रथम सम्मेलन कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: 1961 में, बेलग्रेड (Belgrade) में।
(द) गुटनिरपेक्ष आंदोलन के प्रथम सम्मेलन में कितने सदस्य राष्ट्र उपस्थित थे? (H.S. ’17)
उत्तर: 25 राष्ट्र।
(ध) ‘गुटनिरपेक्षता (Non-alignment) निरपेक्षता (Neutrality) नहीं है, क्योंकि निरपेक्षता का अर्थ घटनाओं से दूर रहना है।’ क्या यह कथन सत्य है?
उत्तरः सत्य है।
(न) द्वितीय विश्व युद्ध के समय बम गिराए गए दो स्थानों के नाम लिखिए।
उत्तर: हिरोशिमा (Hiroshima) और नागासाकी (Nagasaki) |
(प) वार्सा संधि (Warsaw Pact) से क्या अभिप्राय है?
उत्तरः वार्सा संधि (Warsaw Pact) 1955 में सोवियत रूस (Soviet Russia) के नेतृत्व में पोलैंड (Poland), पूर्वी जर्मनी (East Germany), हंगरी (Hungary) और चेकोस्लोवाकिया (Czechoslovakia) सहित 8 देशों द्वारा NATO का मुकाबला करने हेतु किया गया एक सैन्य समझौता था।
(फ) क्यूबा संकट किस वर्ष हुआ? (रिक्त स्थान भरें) (H.S. ’19)
उत्तर: 1962
(ब) SEATO का पूर्ण रूप लिखिए। (H.S. ’16)
उत्तर: South East Asia Treaty Organisation (SEATO)
लघु प्रश्नोत्तर (Short Answer Type Questions)
(a) प्रथम गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन (Non-Aligned Summit) कहाँ और कब आयोजित हुआ था?
उत्तरः प्रथम गुटनिरपेक्ष शिखर सम्मेलन (Non-Aligned Summit) 1 से 16 सितंबर 1961 तक बेलग्रेड (Belgrade) में आयोजित हुआ था।
(b) साम्यवादी गुट (Communist Bloc) के तीन देशों के नाम लिखिए।
उत्तरः सोवियत रूस (Soviet Russia), हंगरी (Hungary) और पोलैंड (Poland) |
(c) सोवियत गुट (Soviet Bloc) में कौन-कौन से देश शामिल हुए थे?
उत्तर: पोलैंड (Poland), हंगरी (Hungary), पूर्वी जर्मनी (East Germany), बुल्गारिया (Bulgaria), अल्बानिया (Albania) और चेकोस्लोवाकिया (Czechoslovakia) 1
(d) गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) का प्रथम अधिवेशन कब हुआ था?
उत्तर: 1961 में।
(e) हिरोशिमा (Hiroshima) और नागासाकी (Nagasaki) पर गिराए गए परमाणु बमों के नाम क्या थे?
उत्तर: हिरोशिमा (Hiroshima) पर गिराए गए बम का नाम “लिटिल बॉय” (Little Boy) था और नागासाकी (Nagasaki) पर गिराए गए बम का नाम “फैट मैन” (Fat Man) था।
(f) द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) का अंत कैसे हुआ?
उत्तर: 1945 में, जब संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) ने जापान (Japan) के हिरोशिमा (Hiroshima) और नागासाकी (Nagasaki) शहरों पर परमाणु बम गिराए, तब जापान को आत्मसमर्पण (Surrender) करना पड़ा। इसके साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया।
(g) दो महाशक्तियों को छोटे सहयोगी देशों की आवश्यकता क्यों थी? (H.S. ’17, 118, 120)
उत्तरः दो महाशक्तियों- संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) और सोवियत रूस (Soviet Russia) को छोटे सहयोगी देशों की आवश्यकता निम्न कारणों से थी-
1. मैत्री संबंध (Friendly Relations) स्थापित कर वहाँ सैन्य बल (Military Forces) तैनात करना।
2. कच्चा तेल (Crude Oil) और खनिज (Minerals) जैसे प्राकृतिक संसाधन प्राप्त करना।
3. सैन्य गठबंधन (Military Alliances) बनाकर प्रतिद्वंद्वी देशों के विरुद्ध जासूसी (Espionage) करना।
4. युद्ध के लिए सैन्य अड्डों (Military Bases) की स्थापना करना।
(h) पश्चिमी मित्र शक्तियाँ (Western Allied Powers) और पूर्वी मित्र शक्तियाँ (Eastern Allied Powers) से क्या अभिप्राय है?
उत्तरः पश्चिमी यूरोप (Western Europe) के देश जब अमेरिका (United States) के गुट में शामिल हुए, तो उन्हें पश्चिमी मित्र शक्तियाँ (Western Allied Powers)’ कहा गया। दूसरी ओर, सोवियत रूस (Soviet Russia)
के नेतृत्व में पूर्वी देशों के गुट को पूर्वी मित्र शक्तियाँ (Eastern Allied Powers)’ कहा गया।
(i) शीत युद्ध (Cold War) के दौरान दो महाशक्तियों द्वारा हस्ताक्षरित दो शस्त्र नियंत्रण संधियों के नाम लिखिए। (H.S. ’16)
उत्तर:
1. परमाणु अप्रसार संधि (Nuclear Non-Proliferation Treaty)
2. सीमित परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (Limited Test Ban Treaty)
(j) NATO (North Atlantic Treaty Organisation) देशों की घोषणा क्या थी?
उत्तर: NATO (North Atlantic Treaty Organisation) के सदस्य देशों ने यह घोषणा की कि यदि किसी सदस्य देश पर किसी अन्य देश द्वारा आक्रमण किया जाता है, तो वे सामूहिक रूप से उस आक्रमण का विरोध करेंगे।
(k) द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) की मित्र शक्तियाँ (Allied Powers) और धुरी शक्तियाँ (Axis Powers) से क्या अभिप्राय है?
उत्तरः मित्र शक्तियाँ (Allied Powers) से अभिप्राय अमेरिका (United States), ब्रिटेन (Britain), फ्रांस (France) और सोवियत रूस (Soviet Russia) जैसे देशों के गठबंधन से है। दूसरी ओर, धुरी शक्तियाँ (Axis Powers) से अभिप्राय जापान (Japan), इटली (Italy) और जर्मनी (Germany) से है।
(1) शीत युद्ध (Cold War) के दौरान अमेरिका (United States) और सोवियत रूस (Soviet Russia) द्वारा अपने मित्र देशों के साथ बनाए गए दो सैन्य गठबंधनों के नाम लिखिए।
उत्तर:
1. NATO (North Atlantic Treaty Organisation)
2. वार्सा संधि (Warsaw Pact)
(m) नई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था (New International Economic Order) के दो सिद्धांत लिखिए।
उत्तर:
1. अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था (International Economy ) में विद्यमान असमानताओं को दूर करना।
2. शांति (Peace) और न्याय (Justice) पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था स्थापित करना।
मध्यम उत्तर प्रकार के प्रश्न (Medium Answer Type Questions)
(a) शीत युद्ध (Cold War) के उद्भव के चार कारणों का उल्लेख कीजिए। उत्तरः शीत युद्ध (Cold War) के चार प्रमुख कारण थे—
1. अमेरिका (United States) में साम्यवादी (Communist) गतिविधियों का उदय।
2. शांति संधियों (Peace Treaties) को लेकर अमेरिका (United States) और रूस (Russia) के बीच मतभेद।
3. परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) के विकास में प्रतिस्पर्धा।
4. विश्व राजनीति (World Politics) में प्रभाव विस्तार की इच्छा।
(b) शीत युद्ध (Cold War) शीत युद्ध ही क्यों बना रहा और यह उष्ण युद्ध (Hot War) में क्यों परिवर्तित नहीं हुआ?
उत्तरः द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के बाद अमेरिका (United States) और सोवियत रूस (Soviet Russia) दो महाशक्तियों के रूप में उभरे। दोनों देश परमाणु शक्ति (Nuclear Power) से संपन्न थे और विश्व राजनीति (World Politics) में अपना प्रभाव स्थापित करना चाहते थे।
यद्यपि वे सैन्य एवं परमाणु शक्ति में प्रतिद्वंद्वी थे, फिर भी उन्होंने प्रत्यक्ष युद्ध (Direct War) में शामिल होने से परहेज किया, क्योंकि वे जानते थे कि उनके बीच युद्ध होने पर अत्यधिक विनाश (Massive Destruction) होगा।
इसलिए उन्होंने सशस्त्र संघर्ष (Armed Conflict) से बचते हुए केवल कूटनीतिक तनाव बनाए रखा। इसी कारण यह शीत युद्ध (Cold War)’ ही बना रहा और ‘उष्ण युद्ध (Hot War)’ में परिवर्तित नहीं हुआ।
(c) क्यूबा मिसाइल संकट (Cuba Missile Crisis) से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: 1961 में सोवियत रूस (Soviet Russia) को आशंका थी कि पूँजीवादी राष्ट्र अमेरिका (United States) क्यूबा (Cuba) पर आक्रमण कर सकता है, क्योंकि क्यूबा उसका सहयोगी तथा समाजवादी (Socialist) देश था।
इसलिए 1962 में सोवियत रूस ने क्यूबा में परमाणु मिसाइलें (Nuclear Missiles) स्थापित कीं। इसके प्रत्युत्तर में अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी (John F. Kennedy) ने सोवियत राष्ट्रपति निकिता खुश्चेव (Nikita Khrushchev) को मिसाइल हटाने की चेतावनी दी और अमेरिकी युद्धपोतों (Warships) को क्यूबा की ओर जाने वाले जहाजों को रोकने का आदेश दिया।
इससे टकराव (Confrontation) की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस घटना को ‘क्यूबा मिसाइल संकट (Cuba Missile Crisis)’ कहा जाता है।
(d) गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) के चार निर्माताओं के नाम लिखिए। उत्तरः गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) के प्रमुख निर्माताओं के नाम हैं—
1. जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru)
2. क्वामे नक्रमा (Kwame Nkrumah)
3. जोसिप ब्रोज़ टीटो (Josip Broz Tito)
4. गमाल अब्देल नासेर (Gamal Abdel Nasser)
5. सुकर्णी (Sukarno)
वर्णनात्मक प्रश्न (Descriptive Answer Type Questions)
(a) शीत युद्ध (Cold War) के अवनति (Decline) के कारणों की चर्चा कीजिए।
उत्तरः द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के बाद अमेरिका (United States) और रूस (Russia) के नेतृत्व वाले विरोधी गुटों (Rival Blocs) के बीच शीत युद्ध (Cold War) प्रारंभ हुआ। यद्यपि यह विभिन्न समयों में तीव्र हुआ, अंततः इसका अंत हो गया। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं—
1. दोनों गुटों ने लचीली विदेश नीति (Flexible Foreign Policy) अपनाई, जिससे तनाव कम हुआ।
2. दोनों पक्षों ने परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) के विनाशकारी प्रभावों को समझा और प्रत्यक्ष टकराव से बचा।
3. साम्यवादी देशों (Communist Countries) के बीच मतभेद उत्पन्न हुए।
4. दोनों गुटों के बीच पारस्परिक समझ (Mutual Understanding) और आत्मबोध विकसित हुए।
5. गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) के उदय से शीत युद्ध का तनाव धीरे-धीरे कम हुआ।
6. युद्ध के विरुद्ध वैश्विक जनमत (Global Public Opinion) के विकास ने भी इसकी अवनति में योगदान दिया।
(b) शीत युद्ध के दौरान गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) के नेता के रूप में भारत (India) की भूमिका का वर्णन कीजिए।
अथवा
शीत युद्ध के दौरान भारत (India) की स्थिति क्या थी? (H.S. ’18)
उत्तर: शीत युद्ध (Cold War) के दौरान भारत (India) ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) के नेता के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत ने दोनों विरोधी महाशक्तियों—अमेरिका (United States) और सोवियत रूस (Soviet Russia) से दूरी बनाए रखना उचित समझा।
राष्ट्रीय सुरक्षा (National Security) के हित में भारत ने सक्रिय नीति (Active Policy) अपनाई और अंतर्राष्ट्रीय विवादों (International Disputes) के शांतिपूर्ण समाधान (Peaceful Resolution) पर बल दिया।
भारत ने किसी भी सैन्य गठबंधन (Military Alliance) में शामिल होने से स्वयं को दूर रखा। गुटनिरपेक्ष आंदोलन के प्रवर्तक (Initiator) के रूप में भारत ने अन्य तृतीय विश्व देशों (Third World Countries) के बीच अपनी स्थिति को सुदृढ़ किया।
इस प्रकार, शीत युद्ध काल में भारत ने एक महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिका निभाई।
(c) ‘नई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था’ (New International Economic Order) पर एक टिप्पणी लिखिए। (H.S. ’18, ’19)
उत्तरः गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) में भाग लेने वाले अधिकांश देश अविकसित (Underdeveloped Countries) थे, जिनके सामने आर्थिक विकास (Economic Development) एक प्रमुख चुनौती थी।
नई स्वतंत्रता प्राप्त देशों के लिए आर्थिक प्रगति आवश्यक थी। इसी आवश्यकता के परिणामस्वरूप ‘नई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था’ (New International Economic Order) की अवधारणा उत्पन्न हुई।
1972 में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) में “Towards a New Trade Policy for Development” नामक एक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इस रिपोर्ट में विश्व व्यापार प्रणाली (World Trade System) में सुधार के लिए निम्नलिखित प्रस्ताव दिए गए—
1. विकसित पश्चिमी देशों (Developed Western Countries) द्वारा शोषित प्राकृतिक संसाधनों (Natural Resources) को अविकसित देशों के नियंत्रण में लाया जाए।
2. अविकसित देश पश्चिमी बाजारों (Western Markets) में अपने उत्पादित वस्तुओं को बेच सकें।
3. पश्चिमी देशों से आयातित प्रौद्योगिकी (Imported Technology) की लागत कम की जाए।
4. अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संस्थाओं (International Economic Institutions) में अविकसित देशों का महत्व बढ़ाया जाए।
इस प्रकार, धीरे-धीरे गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment) का स्वरूप बदलकर आर्थिक मुद्दों पर अधिक केंद्रित हो गया।
(d) सोवियत संघ (Soviet Union) के विघटन के परिणामों की संक्षेप में चर्चा कीजिए। (H.S. ’20)
उत्तरः 1991 में सोवियत संघ (Soviet Union) का विघटन हुआ, जिसके प्रमुख परिणाम निम्नलिखित—
1. शीत युद्ध (Cold War) का अंत हुआ तथा अमेरिका (United States) और सोवियत रूस (Soviet Russia) के बीच वैचारिक संघर्ष समाप्त हुआ, जिससे विश्व में शांति की स्थिति बनी।
2. अनेक नए स्वतंत्र राष्ट्रों (Independent States) का उदय हुआ।
3. विश्व तृतीय विश्व युद्ध (Third World War) के भय से मुक्त हुआ।
4. चीन (China) और भारत (India) का वैश्विक राजनीति (Global Politics) में महत्व बढ़ने लगा।
(e) गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) की सफलता/भूमिका की चर्चा कीजिए। अथवा गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) की भूमिका की चर्चा कीजिए। (H.S. ’15, ’16)
उत्तरः द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के बाद कुछ शांतिप्रिय देशों, विशेषकर भारत (India) के नेतृत्व में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) का गठन हुआ। इसने विश्व में शांति (World Peace) स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया—
1. इसने दो महाशक्तियों के बीच शीत युद्ध (Cold War) के तनाव को कम करने में सहायता की।
2. इसने शक्ति संतुलन (Balance of Power) बनाए रखने में भूमिका निभाई।
3. इसने निरस्त्रीकरण (Disarmament) के क्षेत्र में सराहनीय योगदान दिया।
4. इसने नव-उपनिवेशवाद (Neo-colonialism) का सक्रिय रूप से विरोध किया। ०००
