Class 12 Political Science Chapter 2 द्विध्रुवीयता का अंत Solutions 2026–27
Class 12 Political Science Chapter 2 द्विध्रुवीयता का अंत Solutions 2026–27 कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए आसान और परीक्षा-केंद्रित तरीके से तैयार किया गया अध्ययन सामग्री है। इस अध्याय में सोवियत संघ का विघटन, द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था का अंत, नए स्वतंत्र देशों का उदय, रूस की भूमिका और शीत युद्ध के बाद की विश्व राजनीति जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल भाषा में समझाया गया है।
यहां अध्याय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और Revision Materials दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थी विषय को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।
📚 यहां क्या-क्या मिलेगा?
- 📖 Chapter 2 के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
- ⭐ परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
- 📝 लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- 🌍 द्विध्रुवीयता के अंत से जुड़े महत्वपूर्ण विषय
- 🇷🇺 सोवियत संघ के विघटन से संबंधित प्रश्न
- 🏛️ सोवियत राजनीतिक व्यवस्था और उसके परिवर्तन
- 🌐 शीत युद्ध के बाद की विश्व व्यवस्था
- 🤝 नए स्वतंत्र राज्यों से संबंधित जानकारी
- 📚 Quick Revision Materials
- 🎯 2026–27 परीक्षा की तैयारी
🌍 द्विध्रुवीयता का अंत: मुख्य विषय
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व राजनीति मुख्य रूप से अमेरिका और सोवियत संघ के दो शक्ति-केंद्रों के आसपास विकसित हुई थी। सोवियत संघ के विघटन के साथ यह द्विध्रुवीय व्यवस्था समाप्त हो गई और विश्व राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव आए।
इस अध्याय में सोवियत संघ के विघटन के कारण, गोर्बाचेव के सुधार, सोवियत गणराज्यों की स्वतंत्रता, रूस का उदय, शॉक थेरेपी और द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था के अंत के परिणाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन किया जाता है।
🎯 परीक्षा की तैयारी को आसान बनाएं
इस अध्याय की तैयारी करते समय सोवियत संघ के विघटन के कारण और परिणाम को विशेष रूप से समझना उपयोगी है। महत्वपूर्ण घटनाओं को क्रम से पढ़ने और प्रश्न-उत्तर का नियमित अभ्यास करने से विद्यार्थियों को परीक्षा में उत्तर लिखने में अधिक सुविधा होती है।
Class 12 Political Science Chapter 2 द्विध्रुवीयता का अंत Solutions 2026–27 के माध्यम से विद्यार्थी अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों को समझ सकते हैं, अपनी तैयारी को व्यवस्थित कर सकते हैं और परीक्षा से पहले प्रभावी Revision कर सकते हैं।
🌟 सरल भाषा में तैयार अध्ययन सामग्री
इस अध्याय की सामग्री सरल, स्पष्ट और विद्यार्थियों के लिए आसानी से समझने योग्य भाषा में तैयार की गई है। प्रश्नों और उत्तरों को अध्याय के महत्वपूर्ण विषयों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है, ताकि विद्यार्थी कम समय में आवश्यक topics को दोहरा सकें।
यह सामग्री Class Test, Unit Test, Pre-Board और Class 12 Final Examination 2026–27 की तैयारी के लिए उपयोगी है।
भाग-क (Part-A) समकालीन विश्व राजनीति (Contemporary World Politics)
Class 12 Political Science Chapter 2 द्विध्रुवीयता का अंत Solutions
अध्याय- 2: द्विध्रुवीयता का अंत (The End of Bipolarity)
चयनित प्रश्न एवं उत्तर (Selected Questions & Answers)
अति लघु प्रश्नोत्तर (Very Short Answer Type Questions)
(a) बर्लिन दीवार (Berlin Wall) की लंबाई कितनी थी?
उत्तर: 150 किमी।
(b) बर्लिन दीवार (Berlin Wall) कब गिरी?
उत्तर: 1989 में।
(c) सोवियत संघ (Soviet Union) के भीतर कौन-सा गणराज्य सबसे पहले स्वतंत्र हुआ?
उत्तरः लिथुआनिया (Lithuania)|
(d) ‘शॉक थेरेपी’ (Shock Therapy) से क्या अभिप्राय है? (H.S. ’15)
उत्तरः समाजवादी गुट (Socialist Bloc) के पतन के बाद विश्व बैंक (World Bank) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) द्वारा पूर्व समाजवादी देशों को पूँजीवादी लोकतांत्रिक राज्यों में परिवर्तित करने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को शॉक थेरेपी’ (Shock Therapy) कहा जाता है।
(e) CIS का पूर्ण रूप क्या है?
उत्तर: Commonwealth of Independent States (CIS) |
(1) रूस (Russia) ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में पूर्व सोवियत संघ (Soviet Union) की सीट किस वर्ष ग्रहण की?
उत्तर: 1991 में।
(g) शीत युद्ध (Cold War) के अंत का संकेत किस देश के पतन से मिला?
उत्तरः सोवियत संघ (Soviet Union)।
(h) पूर्व सोवियत संघ (Soviet Union) में कितने गणराज्य थे?
उत्तर: 151
(i) बोल्शेविक कम्युनिस्ट पार्टी (Bolshevik Communist Party) के संस्थापक कौन थे?
उत्तरः व्लादिमीर लेनिन (Vladimir Lenin) |
(j) सोवियत रूस (Soviet Russia) की स्थापना कब हुई?
उत्तर: 1917 में।
(k) परमाणु अप्रसार संधि (Nuclear Non-Proliferation Treaty) कब हस्ताक्षरित हुई? (H.S.’15)
उत्तरः 1 जुलाई 1968 को।
(1) सोवियत संघ (Soviet Union) के पतन के बाद विश्व का एकमात्र महाशक्ति कौन-सा देश बना?
उत्तरः संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) 1
(m) दो महाशक्तियों के नाम लिखिए।
उत्तरः संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) और समाजवादी राज्य सोवियत रूस (Soviet Russia) |
(n) जापान (Japan) के हिरोशिमा (Hiroshima) और नागासाकी (Nagasaki) पर परमाणु बम किस वर्ष गिराए गए?
उत्तर: 1945 में।
(०) वार्सा संधि (Warsaw Pact) कब समाप्त हुई?
उत्तर: 1991 में।
(p) क्या लेनिन (Lenin) बोल्शेविक कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक थे?
उत्तर: हाँ।
(q) सोवियत रूस (Soviet Russia) का उदय कब हुआ?
उत्तर: 1917 में।
(r) द्विध्रुवीयता (Bipolarity) का अंत कब हुआ?
उत्तर: 1991 में।
(5) सोवियत रूस (Soviet Russia) में सुधारों की शुरुआत किसने की?
उत्तरः मिखाइल गोर्बाचेव (Mikhail Gorbachev) |
(t) सोवियत संघ (Soviet Union) के पतन का तात्कालिक कारण क्या था?
उत्तर: 25 दिसंबर 1991 को राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव (Mikhail Gorbachev) के इस्तीफे के साथ सोवियत संघ का अंत हो गया।
(u) किस देश के पतन को द्वितीय विश्व पतन’ (Second World Collapse) कहा जाता है? (H.S.’19)
उत्तरः सोवियत संघ (Soviet Union) ।
(v) एकध्रुवीय राज्य (Unipolar State) से क्या अभिप्राय है? (H.S. ’17)
उत्तरः एकध्रुवीय राज्य वह देश होता है, जो विश्व के अधिकांश देशों पर सैन्य, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव डालता है।
(w) सोवियत रूस (Soviet Russia) में राजनीतिक और आर्थिक संकट की शुरुआत किसने की? (H.S. ’16)
उत्तरः मिखाइल गोर्बाचेव (Mikhail Gorbachev)|
लघु प्रश्नोत्तर (Short Questions and Answers)
(a) सोवियत संघ (Soviet Union) के विघटन का तात्कालिक कारण क्या था? उत्तरः सोवियत संघ के विघटन का तात्कालिक कारण गोर्बाचेव (Gorbachev) के सुधार कार्यक्रम ‘ग्लासनोस्त’ (Glasnost) और ‘पेरेस्त्रोइका’ (Perestroika) थे।
(b) ‘द्वितीय विश्व’ (Second World) से क्या अभिप्राय है? (H.S. ’14)
उत्तरः पूर्वी यूरोप (Eastern Europe) के वे देश, विशेषकर जिन्होंने वार्सा संधि (Warsaw Pact) पर हस्ताक्षर किए थे, सामूहिक रूप से ‘द्वितीय विश्व’ (Second World) या समाजवादी गुट’ (Socialist Bloc) कहलाते हैं।
(c) गोर्बाचेव (Gorbachev) द्वारा प्रारंभ किए गए दो सुधारों का उल्लेख कीजिए। (H.S. ’15, ’19)
उत्तर:
1. ‘खुलापन’ (Openness – Glasnost)
2. ‘पुनर्गठन’ (Restructuring – Perestroika)
(d) इतिहास में महान कबाड़ बिक्री’ (Great Garbage Sale) से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: रूस (Russia) में राज्य-नियंत्रित औद्योगिक क्षेत्रों के पतन के बाद लगभग 90% औद्योगिक इकाइयों को निजी कंपनियों को बेच दिया गया। इस घटना को ‘महान कबाड़ बिक्री’ (Great Garbage Sale) कहा जाता है।
(e) सोवियत संघ (Soviet Union) के विघटन के बाद उभरे दो देशों के नाम लिखिए। उत्तर: रूस (Russia) और बेलारूस (Belarus) |
(f) शॉक थेरेपी (Shock Therapy) के दो नकारात्मक प्रभाव लिखिए। उत्तर:
1. सोवियत मुद्रा (Soviet Currency) का मूल्य घट गया और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ गईं।
2. समाजवादी आदर्शों (Socialist Ideals) पर आधारित कल्याणकारी योजनाएँ समाप्त हो गई।
(g) शॉक थेरेपी (Shock Therapy) के राजनीतिक परिणाम क्या थे?
उत्तर:
1. पूँजीवादी शासन प्रणाली (Capitalist System) का विस्तार।
2. सोवियत व्यापार गुट (Soviet Trade Bloc) का पतन।
3. नए स्वतंत्र गणराज्यों द्वारा स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (Commonwealth of Independent States – CIS) का गठन।
(h) साम्यवादी शासन के अंत के बाद राहत उपाय’ (Relief Measures) से क्या अभिप्राय है?
उत्तरः सोवियत संघ (Soviet Union) के विघटन के बाद जब उसके राज्यों ने पूँजीवादी व्यवस्था (Capitalist System) अपनाई, तब एक संकट उत्पन्न हुआ। इस संकट से राहत प्रदान करने हेतु विश्व बैंक (World Bank) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) द्वारा अपनाए गए विशेष उपायों को राहत उपाय’ (Relief Measures) कहा गया।
मध्यम उत्तर प्रकार के प्रश्न (Medium Length Questions & Answers)
(a) क्या आपको लगता है कि भारत (India) और रूस (Russia) के बीच अच्छे संबंध हैं? चार कारण दीजिए।
उत्तरः यह कहा जा सकता है कि भारत (India) और सोवियत रूस (Soviet Russia) रूस (Russia) के बीच अच्छे संबंध हैं, क्योंकि
1. रूस (Russia) ने भारत (India) को अंतरिक्ष (Space) तथा परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) के क्षेत्र में रक्षा हेतु सहयोग प्रदान किया है।
2. दोनों देशों ने व्यापार (Trade), विमान निर्माण (Aircraft Manufacturing) तथा मादक पदार्थों की अवैध तस्करी (Illegal Trafficking of Narcotics) को नियंत्रित करने के लिए समझौते किए हैं।
3. ‘भारत-रूस सामरिक समझौता, 2001’ (India-Russia Strategic Agreement, 2001) के अंतर्गत 80 से अधिक द्विपक्षीय समझौते (Bilateral Agreements) किए गए हैं।
4. 2004 में रूस (Russia) के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, तकनीकी और आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
(b) सोवियत संघ (Soviet Union) के लोग सोवियत व्यवस्था (Soviet System) से संतुष्ट क्यों नहीं थे? चार कारण दीजिए। अथवा सोवियत संघ (Soviet Union) का पतन क्यों हुआ? कारणों की चर्चा कीजिए।
उत्तर: 1917 में राजतंत्र (Monarchy) से लोकतंत्र (Democracy) में परिवर्तन के बाद मार्क्सवादी समाजवाद (Marxist Socialism) स्थापित हुआ, किंतु लोग इससे संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि—
1. सोवियत संघ (Soviet Union) की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था जनता के प्रति उत्तरदायी (Accountable) नहीं थी; यह नौकरशाही (Bureaucratic) और अधिनायकवादी (Authoritarian) बन गई।
2. पार्टी के नेता (Party Leaders) सामान्य नागरिकों की तुलना में अधिक विशेषाधिकार (Privileges) प्राप्त कर रहे थे, जिससे असंतोष बढ़ा।
3. संगठनात्मक कमजोरियाँ (Organizational Weaknesses) और भ्रष्टाचार (Corruption) ने जन असंतोष को बढ़ाया।
4. नेतृत्व अधिनायकवादी (Autocratic) हो गया और जनता ने भी अपने दायित्वों की उपेक्षा की।
(c) सोवियत संघ (Soviet Union) के विघटन के प्रभावों का संक्षेप में वर्णन कीजिए। (H.S. ’20)
अथवा
सोवियत संघ (Soviet Union) के विखंडन के परिणामों की चर्चा कीजिए। (H.S. ’14)
उत्तर: 1991 में राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव (Mikhail Gorbachev) के इस्तीफे के बाद सोवियत संघ (Soviet Union) का पतन हुआ। इसके परिणाम निम्नलिखित हैं-
1. सोवियत संघ (Soviet Union) के पतन से संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) विश्व की एकमात्र महाशक्ति बन गया।
2. पूँजीवादी व्यवस्था (Capitalist System) सशक्त हुई और समाजवाद (Socialism) में लोगों का विश्वास कम हुआ।
3. कई नए स्वतंत्र राष्ट्रों (Independent States) का उदय हुआ।
4. यूरोपीय संघ (European Union) जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों तथा राष्ट्र-राज्यों (Nation-States) का महत्व बढ़ा।
(d) गोर्बाचेव (Gorbachev) की सुधार नीतियों (Reform Policies) की विशेषताओं का परीक्षण कीजिए।
उत्तर: रूसी संघ (Russian Federation) के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव (Mikhail Gorbachev) ने ‘खुलापन’ (Openness – Glasnost) और ‘पुनर्गठन’ (Restructuring – Perestroika) नामक सुधार नीतियाँ अपनाईं।
इन सुधारों ने पश्चिमी राजनीतिक विचार (Western Political Thought) और मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था (Free Market Economy) की ओर मार्ग प्रशस्त किया।
इनसे प्रेरित होकर विभिन्न जातीय समूहों (Ethnic Groups) ने स्वतंत्रता की मांग की और राष्ट्रवादी आंदोलन (Nationalist Movements) तेज हो गए।
गोर्बाचेव (Gorbachev) इन सुधारों को जनता के सामने उचित रूप से प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके कारण उन्होंने जनसमर्थन (Public Support) खो दिया और अंततः उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इससे सोवियत संघ (Soviet Union) का विघटन हुआ।
(e) सोवियत संघ (Soviet Union) से उत्पन्न नए राज्यों (Newly Emerged States) की राजनीतिक व्यवस्था पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (H.S. ’14)
उत्तर: 1991 में समाजवादी राज्य सोवियत संघ (Soviet Union) के पतन के बाद अनेक नए स्वतंत्र राज्य (Independent States) अस्तित्व में आए।
इन राज्यों ने अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बाल्टिक क्षेत्र (Baltic Region) और पूर्वी यूरोप (Eastern Europe) के साथ जुड़ने की इच्छा व्यक्त की। इसलिए इनमें से कई देश NATO (North Atlantic Treaty Organisation) के सदस्य बन गए।
मध्य एशियाई देश (Central Asian Countries) अपने भौगोलिक महत्व का लाभ उठाते हुए रूस (Russia) के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखते हुए पश्चिमी देशों, चीन (China) और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States)के साथ भी अच्छे संबंध स्थापित करने का प्रयास करते रहे।
निबंधात्मक प्रश्नोत्तर (Essay Type Questions & Answers)
(a) गोर्बाचेव (Gorbachev) को सोवियत रूस (Soviet Russia) में सुधार नीतियाँ अपनाने के लिए किन कारणों से बाध्य होना पड़ा?
उत्तर: गोर्बाचेव (Gorbachev) को निम्न कारणों से सुधार नीतियाँ अपनानी पड़ीं-
1. पश्चिमी देशों (Western Countries) ने सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) में तीव्र प्रगति की थी, जबकि रूस (Russia) इस क्षेत्र में पिछड़ गया था।
2. रूस (Russia) अपने वार्षिक बजट (Annual Budget) का बड़ा हिस्सा परमाणु शक्ति (Nuclear Power) और सैन्य हथियारों (Military Weapons) के निर्माण पर खर्च कर रहा था, जिससे अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।
3. 1979 में सोवियत संघ (Soviet Union) ने अफगानिस्तान (Afghanistan) पर आक्रमण किया, जिससे उसकी स्थिति कमजोर हो गई।
4. उत्पादन (Production) में गिरावट आई, तकनीकी पिछड़ापन बढ़ा और उपभोक्ता वस्तुओं (Consumer Goods) की कमी हो गई।
इस प्रकार आर्थिक विकास (Economic Development) के लिए सुधार आवश्यक हो गए।
(b) सोवियत संघ (Soviet Union) के विघटन के कारणों की चर्चा कीजिए। अथवा सोवियत संघ (Soviet Union) का पतन क्यों हुआ? (H.S. ’15, ’17, ’19)
उत्तर: 1991 में सोवियत संघ (Soviet Union) का विघटन हुआ। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-
1. त्रुटिपूर्ण नेतृत्व (Faulty Leadership) जो जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में असफल रहा।
2. प्रशासनिक भ्रष्टाचार (Administrative Corruption) और सत्ता में बैठे लोगों के अत्यधिक विशेषाधिकार (Privileges) |
3. विभिन्न गणराज्यों (Republics) में राष्ट्रवाद (Nationalism) का उदय और स्वतंत्रता की मांग।
4. सत्ता का केंद्रीकरण (Centralization of Power) और जनता के प्रति उत्तरदायित्व का अभाव।
5. गोर्बाचेव (Gorbachev) की सुधार नीतियाँ (Reforms), जिन्हें वे प्रभावी ढंग से लागू और प्रस्तुत नहीं कर सके।
(c) शॉक थेरेपी (Shock Therapy) क्या है? साम्यवादी शासन (Communist Rule) के बाद इसके क्या परिणाम हुए? क्या यह समाजवाद (Socialism) से पूँजीवाद (Capitalism) में परिवर्तन का सर्वोत्तम मार्ग था?
उत्तरः समाजवादी गुट (Socialist Bloc) के पतन के बाद विश्व बैंक (World Bank) और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) द्वारा पूर्व समाजवादी राज्यों (Former Socialist States) को पूँजीवादी लोकतांत्रिक राज्यों (Capitalist Democratic States) में परिवर्तित करने के लिए आरंभ की गई प्रक्रिया को विश्व राजनीति (World Politics) में ‘शॉक थेरेपी’ (Shock Therapy) कहा जाता है।
शॉक थेरेपी (Shock Therapy) के परिणाम निम्नलिखित थे—
1. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment) तथा मुक्त व्यापार (Free Trade) के विस्तार के कारण बेरोजगारी (Unemployment) की समस्या में कुछ हद तक कमी आई।
2. रूस (Russia) तथा अन्य नवस्वतंत्र राज्यों (Newly Independent States) में राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों के परिणामस्वरूप पारंपरिक व्यापार प्रणाली (Conservative Trade System) से मुक्त व्यापार (Free Trade) की ओर परिवर्तन हुआ, किन्तु बड़े औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Sectors) ध्वस्त हो गए।
3. रूसी गणराज्यों (Russian Republics) के बीच वित्तीय समझौते (Financial Agreements) समाप्त हो गए और स्वतंत्र गणराज्यों (Independent Republics) को पश्चिमी देशों (Western Countries) के साथ विभिन्न समझौते करने का अवसर मिला।
4. शॉक थेरेपी (Shock Therapy) ने विभिन्न प्रकार से आर्थिक विकास (Economic Development) में योगदान दिया।
नकारात्मक प्रभाव (Adverse Effects):
1. इससे रूस (Russia) की आर्थिक व्यवस्था (Economic System) कमजोर हो गई।
2. उद्योगों के निजीकरण (Privatization) के कारण बेरोजगारी (Unemployment) बढ़ गई।
3. खाद्य पदार्थों (Food Items) की कमी के कारण महंगाई (Inflation) बढ़ गई।
निष्कर्षः
यद्यपि शॉक थेरेपी (Shock Therapy) ने समाजवाद (Socialism) से पूँजीवाद (Capitalism) की ओर परिवर्तन को कुछ हद तक सुगम बनाया, फिर भी इसके दुष्परिणामों के कारण इसे पूर्णतः सर्वोत्तम मार्ग नहीं माना जा सकता।
